आज के समय में हर कोई फिट होना चाहता है और यदि वो ओवरवेट है तो अपना वजन कम करने की कोशिश करता है. लेकिन लोगों का ये गोल भागदौड़ भरी जिंदगी और काम के बोझ के कारण काफी मुश्किल हो जाता है. वर्किंग प्रोफेशनल्स अक्सर अपनी सेहत पर उतना ध्यान नहीं दे पाते क्योंकि इसके लिए उन्हें अपने आपको समय देने की जरूरत होती है. एक विदेशी फिटनेस कोच ने वजन घटाने का एक ऐसा 'सीक्रेट कोड' शेयर किया है जो किसी शॉर्टकट पर नहीं बल्कि शरीर के बेसिक साइंस पर बेस्ड है और उससे फैट लॉस में काफी मदद मिलती है. अगर आप चाहें तो उसे फॉलो कर सकते हैं.
फिटनेस कोच के अनुसार, फैट लॉस कोई रॉकेट साइंस नहीं है. अधिकांश लोग इसे जरूरत से अधिक मुश्किल बना देते हैं. कोच डेन गो (CoachDanGo) का कहना है अगर इस सिस्टम को यदि 6 महीने तक लगातार फॉलो किया जाए तो आप 90 प्रतिशत लोगों का फैट लॉस होगा और वे मेटाबॉलिक रूप से भी हेल्दी हो सकते हैं. तो आइए वो 5 रूल्स जान लीजिए.
कोच डेन गो के मुताबिक, यदि कोई हफ्ते में सिर्फ 2 से 3 बार वेट ट्रेनिंग करता है तो उससे आपके मसल्स एक्टिव होते हैं और मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है. इससे आराम करते समय भी आपकी अधिक कैलोरी बर्न होती है.
जिम के अलावा आपकी फिजिकल एक्टिविटी भी काफी मायने रखती है इसलिए यदि आप रोजाना 8,000 से 10,000 कदम चलते हैं तो फैट लॉस में और अधिक मिल सकती है. यह न केवल कैलोरी बर्न करने का सबसे आसान तरीका है, बल्कि यह आपके स्ट्रेस को भी कम करता है.
नींद को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन फैट लॉस का सीधा संबंध रिकवरी से है. अगर आप 7-8 घंटे की पूरी नींद नहीं लेते हैं, तो आपका शरीर कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) रिलीज करता है जो फैट घटाने की प्रोसेस को धीमा कर देता है.
बार-बार स्नैकिंग करने या क्रैश डाइट लेने के बजाय आप दिन में 3 बार बैलेंस और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें. इससे आपका ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहेगा और आपको बेवजह की भूख नहीं लगेगी.
प्रोटीन फैट लॉस का सबसे बड़ा हथियार है. कोच की सलाह है कि अपने शरीर के वजन के प्रति पाउंड के हिसाब से कम से कम 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन लें. यानी अगर आपका वजन 70 है तो करीब 70 किलो के आसपास प्रोटीन ले सकते हैं. यह मसल्स को रिपेयर करने में मदद करेगा और पेट को लंबे समय तक भरा रखेगा.
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.