आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम क्या खा रहे हैं, इसका सीधा असर हमारे लिवर पर पड़ता है. ऐसे में फैटी लिवर की समस्या अब आम होती जा रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी डाइट में ही वो 3 बड़े कारण छिपे हैं जो इस बीमारी को और भी खतरनाक बना देते हैं. हाल ही में डायबिटीज एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते इन तीन चीजों को खाने से नहीं रोका गया तो लिवर की कंडीशन गंभीर हो सकती है.
डायबिटीज डॉक्टर के मुताबिक, एडेड शुगर यानी ऊपर से डाली गई चीनी फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण है. जब हम सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स या बहुत ज्यादा मीठी चीजें खाते हैं तो शरीर में फ्रुक्टोज की मात्रा बढ़ जाती है. लिवर इस अतिरिक्त फ्रुक्टोज को फैट में बदलना शुरू कर देता है. धीरे-धीरे यह फैट लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लगता है, जिससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD) की शुरुआत होती है. अगर आप मीठा छोड़ने का मन बना लें, तो लिवर खुद को रिकवर करना शुरू कर देता है.
सफेद चावल, मैदा, पास्ता और सफेद ब्रेड जैसी चीजें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की श्रेणी में आती हैं. इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है, जिसका मतलब है कि ये खून में शुगर लेवल को तुरंत बढ़ा देते हैं. डायबिटोलॉजिस्ट का कहना है कि जब ब्लड शुगर तेजी से स्पाइक करता है तो इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होता है.
यह स्थिति लिवर के लिए बहुत खतरनाक है क्योंकि यह शरीर को लिवर में अधिक फैट स्टोर करने के लिए मजबूर करती है. अपनी डाइट में साबुत अनाज शामिल करना इसका सबसे सरल समाधान है.
बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद स्नैक्स, फ्राइड फूड और वेजिटेबल घी में ट्रांस फैट भारी मात्रा में होता है. ये फैट न केवल वजन बढ़ाते हैं, बल्कि लिवर में सूजन भी पैदा करते हैं.
एक्सपर्ट के अनुसार, प्रोसेस्ड फूड में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स लिवर की कार्यक्षमता को धीमा कर देते हैं. अगर आप लंबे समय तक स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो घर का बना ताजा खाना और हेल्दी फैट्स जैसे कि नट्स और बीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)