मौसम बदलते ही बाजार में नई-नई सब्जियां आने लगती हैं. सर्दियों में जहां गाजर, मूली जैसी सब्जियां आती हैं, वहीं गर्मियों में लौकी और खीरे आते हैं. आज इस खबर में हम बात करेंगे लौकी की. लौकी एक ऐसी सब्जी है जिसे आयुर्वेद से लेकर साइंस तक में सुपरफूड माना जाता है. ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. लौकी शरीर को हाइड्रेटेड रखने और डाइजेशन को दुरुस्त करने में इसका कोई मुकाबला नहीं है. इसके साथ ही इसमें कैलोरी भी बहुत कम होती है, जिसकी वजह से ये वजन घटाने और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने वालों की पहली पसंद होती है.
ऐसे में अक्सर लोग लौकी खरीदते हैं. लेकिन जब भी लौकी अक्सर खरीदने जाते हैं, तो धोखा हो जाते हैं. बाजार में जो लौकी बाहर से चमकदार और फ्रेश दिखती है, घर आकर काटने पर वो अंदर से सूखे हुए बीजों वाली या काफी टाइट निकलती है. ऐसी लौकी न तो पकने में आसान होती है और न ही उसका स्वाद अच्छा आता है. अगर आपको भी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो ये खबर आपके लिए है. आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बताएंगे, जिन्हें जानकर आप आसानी से ताजी और बासी लौकी में आसानी से अंतर कर सकते हैं.
1. रंग और चमक पर दें ध्यान: अगर आप लौकी खरीदने निकले हैं, तो आपको उसके रंग पर ध्यान जरूर देना चाहिए. ताजी लौकी का रंग हल्का हरा और हल्का सा चमकदार होता है. अगर रंग पीला, फीका है या उस पर धब्बे दिख रहे हैं, तो समझ लें लौकी पुरानी हो सकती है. इसके साथ ही अगर लौकी बहुत ज्यादा गहरे हरे रंग की है, तो वो नेचुरल नहीं होती है.
2. ‘नाखून टेस्ट’ जरूर करें: जब भी लौकी खरीदें तो लेने से पहले नाखून टेस्ट जरूर करें. इस टेस्ट में आपको लौकी के छिलके पर हल्का सा नाखून दबाकर देखना होगा. अगर नाखून आसानी से अंदर चला जाए, तो लौकी ताजी और सॉफ्ट है. अगर छिलका बहुत ज्यादा सख्त लगे और नाखून न घुसे, तो ऐसी लौकी अंदर से सख्त और बीजों वाली हो सकती है.
3. वजन और आकार का रखें ध्यान: लौकी को उठाकर देखकर भी आप उसके ताजे और बासी होने का अंदाजा लगाया जा सकता है. लौकी न बहुत भारी होनी चाहिए और न बहुत हल्की. ताजी लौकी में पानी सही मात्रा में होता है, इसलिए वो न तो ज्यादा भारी होती है और न ही ज्यादा हल्की. हमेशा मीडियम साइज और सीधी-समान आकार वाली लौकी चुनें.
4. डंठल से पहचानें ताजगी: लौकी का डंठल देखकर भी आप उसकी ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है. अगर डंठल हरा और थोड़ा नम है, तो लौकी ताजी है. सूखा, पीला या काला डंठल बताता है कि लौकी कई दिन पुरानी है.
5. लचीलापन भी चेक करें: जब आप लौकी खरीदने जाते हैं तो उसे हाथ में लेकर हल्का सा मोड़कर जरूर देखें. ताजी लौकी में थोड़ा लचीलापन होता है. अगर लौकी बहुत सख्त लगे और बिल्कुल न मुड़े, तो वो पुरानी हो सकती है और पकने में भी ज्यादा समय लेगी.