Dosa Making Mistakes: तला, कुरकुरा और स्वादिष्ट डोसा किण्वित चावल और उड़द दाल के घोल से बनता है और आज के समय में इसकी कई वैरायटी उपलब्ध हैं. कई लोग इतने डोसा प्रेमी होते हैं कि वो लोग घर पर भी डोसा बनाकर खाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कई बार उन लोगों से बाजार जैसा क्रिस्पी और जालीदार डोसा नहीं बनता. शेफ संजीव कपूर के अनुसार, ऐसा कुछ आम गलतियों के कारण होता है जो लोग अक्सर करते हैं. इंस्टाग्राम पर कुछ समय पहले उन्होंने उन गलतियों के बारे में बताया था. तो आइए होटल जैसा गोल, जालीदार और क्रिस्पी बने, तो इसके लिए कौन सी 5 गलतियों से बचना जरूरी है.
शेफ संदीव कुमार का कहना है कि डोसे का असली राज उसके बैटर में छिपा होता है. कई लोग या तो बैटर को ठीक से खमीर उठने नहीं देते या जरूरत से ज्यादा फर्मेंट होने देते हैं. कम फर्मेंटेशन होने पर डोसा कड़क बनता है और अधिक खमीर से स्वाद खट्टा हो जाता है और टेक्सचर बिगड़ जाता है. इसलिए हमेशा ध्यान रखें कि बैटर हल्का झागदार और थोड़ा फूला हुआ दिखे. मौसम के हिसाब से 8 से 12 घंटे का समय पर्याप्त होता है.
अक्सर लोग जल्दबाजी में तवे पर डोसा फैला देते हैं. लेकिन उसके पहले तवे को सही से तैयार करना बेहद जरूरी है. अगर तवा बहुत ज्यादा गर्म है तो बैटर फैल नहीं पाएगा और अगर ठंडा है तो डोसा चिपक जाएगा.
तवा मीडियम गर्म होना चाहिए. एक आसान तरीका है कि तवे पर थोड़ा पानी छिड़कें. अगर पानी की बूंदें नाचते हुए तुरंत सूख जाएं तो समझिए तापमान सही है. हर डोसे से पहले हल्का सा तेल लगाकर कपड़े या आधे प्याज से तवा पोंछ लें.
अक्सर लोगों को कंसिस्टेंसी का पता नहीं होता और बहुत गाढ़ा बैटर डोसे को मोटा बना देता है. वहीं बहुत पतला बैटर फैलते ही टूटने लगता है. सही कंसिस्टेंसी ऐसी होनी चाहिए कि बैटर चम्मच से गिराते समय पतली धार में बहे.
अगर बैटर ज्यादा गाढ़ा है तो थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाएं, लेकिन एक साथ ज्यादा पानी डालने से बचें. सही कंसिस्टेंसी से ही डोसा पतला और छल्लेदार बनता है.
कई लोग बैटर डालकर उसे बार-बार फैलाने की कोशिश करते हैं. इससे डोसे की सतह खराब हो जाती है और वह जालीदार नहीं बन पाता. बैटर को तवे के बीच में डालें और एक ही दिशा में हल्के हाथ से गोल घुमाते हुए फैलाएं. ज्यादा दबाव न डालें. जितना हल्का हाथ होगा, डोसा उतना ही पतला और क्रिस्पी बनेगा.
कुछ लोग शुरुआत में ही बहुत ज्यादा तेल डाल देते हैं, जिससे डोसा तला हुआ सा लगने लगता है और कुरकुरापन सही नहीं आता. डोसा थोड़ा सूखने लगे तब किनारों पर और ऊपर हल्का सा तेल या घी डालें. इससे किनारे खुद-ब-खुद उठने लगेंगे और सुनहरा रंग आएगा.