रक्तदान, जीवनदान. आपने ये सुना तो बहुत बार होगा, पढ़ा भी होगा लेकिन क्या कभी ब्लड डोनेट करने के बारे में सोचा है? या कभी किया है?
आमतौर पर लोगों को लगता है कि ब्लड डोनेट करने से कमजोरी हो जाती है लेकिन ऐसा नहीं है. कमजोरी होती तो है लेकिन वो कुछ ही घंटों में दूर हो जाती है.
ब्लड डोनेट करना न केवल समाजिक सेवा है बल्कि इसके कुछ व्यक्तिगत फायदे भी हैं. ब्लड डोनेट करने के इन तीन फायदों के बारे में आपने पहले नहीं सुना होगा.
1. दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है
अगर आप रेग्युलर ब्लड डोनेट करते हैं तो बॉडी में आयरन की संतुलित मात्रा बनी रहती है. जिस तरह से बॉडी में आयरन की मात्रा का कम होना खतरनाक हो सकता है, . रेग्युलर ब्लड डोनेट करने से दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा भी कम होता है. इससे हार्ट अटैक आने की आशंका भी कम हो जाती है.
2. कैंसर का खतरा
रेग्युलर ब्लड डोनेट करने वालों को कैंसर होने का खतरा बहुत कम होता है.
3. वजन कंट्रोल करने में मददगार
ब्लड डोनेट करने वालों का हालांकि बहुत जल्दी-जल्दी ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए. आमतौर पर एक स्वस्थ आदमी को 3 महीने के अंतराल पर ब्लड डोनेट करना चाहिए.