scorecardresearch
 

भारत में हर्ड इम्युनिटी पाना क्यों हो सकता है बहुत खतरनाक, एक्सपर्ट ने बताया

इंडिया टुडे ग्रुप ने गांधी जयंती के अवसर पर देशभर के कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया. अपनी जान की परवाह ना कर कोरोना की लड़ाई लड़ने वाले योद्धाओं को अलग-अलग क्षेत्र में योगदान के लिए हेल्थगीरी अवॉर्ड्स दिए गए.

Advertisement
X
भारत के लिए हर्ड इम्युनिटी खतरनाक
भारत के लिए हर्ड इम्युनिटी खतरनाक
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंडिया टुडे ग्रुप हेल्थगीरी अवॉर्ड्स
  • कोरोना वॉरियर्स का हुआ सम्मान
  • भारत में हर्ड इम्युनिटी पर सवाल

इंडिया टुडे ग्रुप ने गांधी जयंती के अवसर पर देशभर के कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया. अपनी जान की परवाह ना कर कोरोना की लड़ाई लड़ने वाले योद्धाओं को अलग-अलग क्षेत्र में योगदान के लिए हेल्थगीरी अवॉर्ड्स दिए गए. इस कार्यक्रम के एक सत्र में जसलोक हॉस्प‍िटल के मेड‍िकल र‍िसर्च डायरेक्टर डॉक्टर राजेश पारेख और फोर्ट‍िस एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ शामिल हुए.

भारत में हर्ड इम्युनिटी संभव नहीं है

डॉ. अशोक सेठ ने हेल्थगीरी कार्यक्रम में कहा, हिंदुस्तान को अगर हर्ड इम्युनिटी चाहिए तो करीब 70 फीसदी आबादी में कोरोना का संक्रमण होना जरूरी है. वैक्सीनेशन का भी यही मतलब है कि लोगों को हम इम्युनिटी देते हैं. लेकिन हर्ड इम्युनिटी के तहत जब हम लोगों को कोरोना से संक्रमित होने देंगे तो तमाम लोगों की मौत होंगी. अगर 2 फीसदी आबादी भी कोरोना का शिकार होती है तो भारत में करोड़ों लोग मरेंगे. स्वीडन ने भी हर्ड इम्युनिटी पाने की कोशिश की थी लेकिन उसे भी कदम पीछे खींचने पड़े.

युवाओं को रहना होगा सावधान

डॉ. सेठ ने कहा, लोग सोचते हैं कि मैं तो युवा हूं, मैं कोरोना से संक्रमित हो भी जाऊंगा तो कुछ नहीं होगा लेकिन उन्हें ये नहीं समझ आता है कि वे अपने परिवार के सदस्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं. इसलिए युवाओं को अपने परिवार को सुरक्षित करने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए. डॉ. सेठ ने कहा कि कोरोना कब तक जाएगा इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन लोगों को लापरवाही नहीं करनी चाहिए और सभी लोगों को मास्क जरूर पहनना चाहिए.

Advertisement

मानसिक तनाव दूर करने के टिप्स

जसपाल अस्पताल के डॉ. राजेश पारिख ने कहा, लोगों की मानसिक स्थिति पर भी कोरोना वायरस का बहुत असर हो रहा है. कोरोना वायरस का सिर्फ अल्प अवधि के लिए ही नहीं बल्कि लंबे वक्त के लिए भी बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी की गई हैं. परिवार को देखना चाहिए कि कोई अचानक शांत हो गया है तो उसे मनोचिकित्सक को दिखाना चाहिए. आपको योग और ध्यान करना चाहिए. लोगों को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए. नींद ना लेने से तनाव बढ़ता है. लोगों को अपना रूटीन बनाए रखना चाहिए. परिवार के साथ बातचीत करनी चाहिए.


 

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement