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गेहूं, रागी, मल्टीग्रेन या मक्का...किस आटे की रोटी कितने घंटे में पचती है?

हर रोटी सेहत के लिए अलग फायदे देती है लेकिन इन रोटियों में डाइजेशन का समय अलग-अलग होता है. इस स्टोरी में आज जानेंगे कि गेहूं, रागी, मल्टीग्रेन और मक्का की रोटी में से कौन सी जल्दी पचती है.

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अलग-अलग तरह की रोटियां पचने में समय लेती हैं. (Photo: ITG)
अलग-अलग तरह की रोटियां पचने में समय लेती हैं. (Photo: ITG)

Easiest to digest roti: भारत में अधिकतर लोग लंच-डिनर में रोटी खाना पसंद करते हैं इसलिए रोटी भारतीय थाली का अहम हिस्सा है. वैसे तो अधिकतर लोग गेहूं की रोटी खाना पसंद करते हैं लेकिन कई लोग इसके अलावा मक्का, रागी, जौ, मल्टीग्रेन आदि अनाज की रोटी खाना पसंद करते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी थाली में रखी रोटी कितनी जल्दी पचती है? दरअसल गेहूं, रागी, मक्का या मल्टीग्रेन...हर आटे की अपनी अलग खासियत है और शरीर पर अलग तरह से ही असर डालती हैं. 

आज के समय में जब लोग वजन घटाने, बेहतर पाचन और फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं, तब सही रोटी का चुनाव बेहद जरूरी हो जाता है. तो आइए आज आपको बताते हैं कि कौन सी रोटी पचने में कितना समय लगाती है. 

गेहूं की रोटी: सबसे अधिक खाते हैं

गेहूं की रोटी भारत में सबसे ज्यादा खाई जाती है. इसमें ग्लूटेन होता है लेकिन जिन लोगों को ग्लूटेन डाइजेस्ट नहीं होता, वे लोग गेहूं की रोटी खाने से बचते हैं. यदि उन्हें इस बात की नॉलेज नहीं होती तो उन्हें गेहूं की रोटी खाने से कई समस्याएं सामने आती हैं. गेहूं की रोटी को डाइजेस्ट होने में लगभग 2.5 से 3 घंटे का समय लगता है. हालांकि गेहूं की रोटी में फाइबर भी होता है लेकिन जिनका डाइजेशन कमजोर है तो उन्हें पेट में भारीपन लग सकता है.

रागी की रोटी: हेल्दी लेकिन धीरे पचती है

रागी (मंडुआ) को सुपरफूड माना जाता है. इसमें कैल्शियम और फाइबर भरपूर होता है. रागी पेट को लंबे समय तक भरा रखती है इसलिए वेट लॉस में मददगार है लेकिन जल्दी पचने वाली नहीं मानी जाती. इसे डाइजेशन में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है. 

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मल्टीग्रेन रोटी: बैलेंस्ड लेकिन कॉम्बिनेशन पर निर्भर

मल्टीग्रेन रोटी में कई तरह के अनाज मिलाए जाते हैं जैसे जौ, बाजरा, गेहूं आदि. इसका पाचन इस बात पर निर्भर करता है कि इसमें कौन-कौन से अनाज कितनी मात्रा में हैं. ज्यादा फाइबर होने से ये धीरे पचती है. इसे पचने में भी करीब 3 से 4 घंटे का औसतन समय लग सकता है.

मक्का की रोटी: ग्लूटेन-फ्री लेकिन भारी

मक्का की रोटी खासकर सर्दियों में खाई जाती है. इसमें ग्लूटेन नहीं होता, लेकिन ये थोड़ी भारी होती है. कमजोर पाचन वाले लोगों को इसे पचाने में समय लग सकता है. इसे पचाने में भी करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है.

सबसे जल्दी कौन सी रोटी पचती है?

अगर तुलना करें तो गेहूं की रोटी सबसे जल्दी पचती है, खासकर जब आटा ज्यादा रिफाइंड न हो. हालांकि, जिन लोगों को ग्लूटेन से दिक्कत है, उनके लिए हल्की मात्रा में मल्टीग्रेन या मिक्स आटा बेहतर ऑप्शन हो सकता है.

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