अब से करीब 40 साल पहले उत्तर अमेरिका के किचन में माइक्रोवेव की एंट्रा हुई. इसके साथ ही लोग बहुत तेजी से इस पर निर्भर हो गए. ये निर्भरता इतनी बढ़ गई कि ऐसी कई चीजें हैं, जिन्हें नई पीढ़ी इसके बिना बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकते. लेकिन हर चीज के फायदे के साथ-साथ कुछ नुकसान भी होते हैं. हम सभी जानते हैं कि माइक्रोवेव और स्टील का छत्तीस का आंकड़ा है लेकिन खाने की भी कई ऐसी चीजे हैं, जो माइक्रोवेव में गर्म करने पर जहर बन सकती हैं या आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं. आइये जानते हैं, किन खाने की चीजों को माइक्रोवेव में गर्म करने से बचना चाहिए.
उबला अंडा: माइक्रोवेव में न गर्म करने वाली चीजों में पहला नंबर अंडे का है. ये अंडा चाहे साबुत हो या टुकड़े में इसे माइक्रोवेव में गर्म नहीं किया जाना चाहिए. उबले अंडे को अगर ओवन में गर्म किया जाएगा तो अंदर की नमी बड़ी मात्रा में भाप बनाती है, जिससे अंडा फट सकता है. हो सकता है कि ये अंडा माइक्रोवेव में न फूटे लेकिन इस केस में स्थिति और खराब हो सकती है क्योंकि ये अंडा माइक्रोवेव से बाहर आकर भी फट सकता है. अगर ये अंडा आपके मुंह में फट गया तो आप पर भारी पड़ सकता है. इससे बचने के लिए या तो इसके छोटे टुकड़े कर कम देर के लिए इसे गर्म किया जाए या फिर बेहतर है कि इसे माइक्रोवेव में न गर्म किया जाए.
ब्रेस्ट मिल्क: कई माएं ब्रेस्ट मिल्क को फ्रीज करके बाद में इस्तेमाल करने के लिए स्टोर कर लेती हैं, ये तब तक अच्छा जब तक आप इसे माइक्रोवेव में गर्म नहीं कर रहे हैं. माइक्रोवेव भोजन को असमान रूप से गर्म करता है, इसी तरह वो ब्रेस्ट मिल्क की बोतल को भी असमान रूप से गर्म कर सकता हैं, जिससे "हॉट स्पॉट" बनते हैं. यानी दूध कहीं तेज गर्म तो कहीं ठंडा या कम गर्म हो सकता है. ये बच्चे के मुंह और गले को गंभीर रूप से जला सकता है. इसके साथ ही प्लास्टिक की बोतल को गर्म करना बड़ा खतरा साबित हो सकता है.
प्रोसेस्ड मीट: प्रोसेस्ड मीट को माइक्रोवेव में गर्म करना बेहद खतरानाक हो सकता है. प्रोसेस्ड मीट में केमिकल और प्रिजरवेटिव का इस्तेमाल होता है. इससे ओवन में गर्म होने से केमिकल रिएक्शन हो सकता है. माइक्रोवेव में प्रोसेस्ड मीट गर्म करने पर हम ऑक्सीकृत कोलेस्ट्रॉल जैसे रासायनिक परिवर्तनों के संपर्क में आ सकते हैं. जो सेहत के लिए खतरनाक है.
चावल: माइक्रोवेव में गर्म किए गए चावल को खाने से फूड प्वॉइजनिंग हो सकती है. चावल में बेसिलस सेरेस नामक बैक्टीरिया होते है. हीट इस बैक्टीरिया को मार देती है, लेकिन इससे ऐसे बीजाणु पैदा हो सकते हैं, जो जहरीले होते हैं. कई अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि एक बार जब चावल माइक्रोवेव से बाहर आ जाता है और कमरे के तापमान पर छोड़ दिया जाता है, तो इसमें मौजूद कोई भी बीजाणु अपनी तादाद बढ़ा सकते हैं और अगर आप इसे खाते हैं तो ये फूड प्वाइजनिंग कर सकते हैं.
चिकन: माइक्रोवेव के बारे में जानने वाली सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उसकी गर्मी हमेशा बैक्टीरिया को नहीं मार सकती क्योंकि माइक्रोवेव अंदर से बाहर की बजाय बाहर से अंदर की ओर गर्म करता है. इसीलिए चिकन को माइक्रोवेव में नहीं पकाना चाहिए क्योंकि चिकन को खाने योग्य बनाने के लिए उसे अच्छी तरह पकाना जरूरी है ताकि हीट से बैक्टीरिया को मारा जा सके. चूंकि, माइक्रोवेव समान रूप से गर्म नहीं करता इसलिए ये आशंका रहती है कि चिकन से बैक्टीरिया खत्म नहीं होंगे, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.