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40 की उम्र के बाद महिलाएं हफ्ते में 2 बार खाएं ये सब्जी, बढ़ती उम्र में भी बनी रहेंगी जवान और फिट!

महिलाएं अपनी हेल्थ को बिल्कुल सीरियस नहीं लेती हैं,जबकि पुरुषों की तुलना में वो उम्र के साथ जल्दी कमजोर होती हैं. महिलाओं को अपने खाने-पीने का खास ख्याल रखना चाहिए, खासतौर पर 40 की उम्र के बाद उनको कुछ सब्जियां और फल जरूर अपनी डाइट का हिस्सा बनाने चाहिए, इनमें से एक तो उनके लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं है.

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महिलाओं को डाइट में हरी सब्जी जरूर शामिल करें. (PHOTO:ITG)
महिलाओं को डाइट में हरी सब्जी जरूर शामिल करें. (PHOTO:ITG)

Edamame Health Benefits: महिलाओं को अपनी हेल्थ का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए, मगर घर-परिवार को देखभाल में अपने बारे में तो जैसे सोचना ही भूल जाती हैं. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं में शारीरिक तौर पर काफी बदलाव आने लगते हैं. खासतौर पर 40 की उम्र के बाद तो महिलाओं के शरीर को सही पोषण की सबसे अधिक जरूरत होती है, क्योंकि मेनोपॉज हार्मोन को डिस्टर्ब कर सकता है, हड्डियों को कमजोर कर सकता है और पोषक तत्वों की कमी को ट्रिगर कर सकता है.

'जर्नल ऑफ विमेन हेल्थ' में पब्लिश स्टडी के अनुसार, एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल में सीधे तौर पर जोड़ों की ताकत और बोन डेंसिटी को इफेक्ट करता है. मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कमजोरी की दर पुरुषों में काफी ज्यादा पाई जाती है. इसलिए महिलाओं को अपनी डाइट में ऐसे फूड्स शामिल करें जो पोषण से भरपूर हों और शरीर को अंदर से मजबूत बनाएं.

ब्रिटेन से ग्लोबल पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन में मास्टर डिग्री लेने वाली न्यूट्रिशनिस्ट और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर दीपसिखा जैन ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में एक हरी सब्जी के बारे में बताया है, जो महिलाओं के लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं है. उन्होंने अपने वीडियो में बताया है कि 40 की उम्र के बाद महिलाओं को इस सब्जी को अपनी डाइट में जरूर शुमार करना चाहिए. 

हफ्ते में कितनी बार खाएं  सोयाबीन की फलियां

न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक,40 की उम्र के बाद महिलाओं को सोयाबीन की फलियां नियमित तौर पर जरूर खानी चाहिए, हफ्ते में कम से कम दो से तीन बार एक कप एडामेम यानी सोयाबीन की फलियां खाना सही होता है. सबसे खास बात ये है कि सोयाबीन की फलियों को आप सब्जी, सलाद, सूप या हल्के तड़के की तरह बना सकते हैं, इनका स्वाद भी अच्छा होता है और बनाना भी आसान होता है.

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एडामेम खाने के फायदे 

सोयाबीन की फलियों को एडामेम भी कहा जाता है, यह एक प्लांट बेस्ड प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स हैं. उम्र बढ़ने के साथ बॉडी में मसल्स मास कम होने लगता है, इसलिए लोगों को अपनी डाइट में प्रोटीन को लाजमी शामिल करना चाहिए. 

सोयाबीन न सिर्फ मसल्स को मजबूत बनाती है, बल्कि शरीर की रिकवरी में भी आपकी मदद कर सकती है. इसमें प्रोटीन के अलावा कैल्शियम और मैग्नीशियम भी भरपूर पाया जाता है, जिसे हड्डियां स्ट्रॉन्ग होती है और ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम कम होता है.

सोयाबीन में मौजूद आइसोफ्लेवोन्स महिलाओं के लिए खास फायदेमंद माने जाते हैं, क्योंकि इनमें प्राकृतिक तौर से एस्ट्रोजन जैसे गुण रखते हैं, जो मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव को बैलेंस करने में काम आते हैं.

सोयाबीन की फलियां खाने से हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग्स और हड्डियों की कमजोरी जैसी दिक्कतों में भी आराम मिलता है.इसके अलावा यह हार्ट हेल्थ के लिए भी अच्छी मानी जाती हैं.

 फाइबर और हेल्दी फैट्स होने की वजह से एडामेम खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मदद मिलती है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है.

इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है और यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाती है. इसलिए यह डायबिटीज की समस्या से जूझ रही महिलाओं के लिए भी यह फायदेमंद होता है.

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