कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्टकोर्ट ने गैंगस्टर मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली उनकी याचिका खारिज कर दी है. इस फैसले के साथ ही अब ट्रायल कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी रहेगी.
यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनाया है. जस्टिस समित गोपाल की बेंच ने इरफान सोलंकी की याचिका पर निर्णय दिया. इससे पहले 12 जनवरी को कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.
इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका
इरफान सोलंकी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर गैंगस्टर मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी. उनका तर्क था कि उनके खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट का मामला निराधार है, इसलिए ट्रायल की कार्यवाही समाप्त की जाए. हालांकि कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया.
इरफान सोलंकी के खिलाफ 26 दिसंबर 2022 को कानपुर के जाजमऊ थाने में गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में उन्हें गैंग लीडर बताया गया था. यह एफआईआर तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे द्वारा दर्ज कराई गई थी.
गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हुई थी एफआईआर
एफआईआर में इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी और सह अभियुक्त इजराइल आटेवाला समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था. आरोप था कि इरफान सोलंकी गैंग बनाकर आर्थिक फायदे के लिए आम जनता को डराते धमकाते थे और गैंग के जरिए धन और संपत्ति उगाही करते थे. पुलिस के अनुसार उनके खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
जमानत पर इरफान सोलंकी जेल से बाहर हैं
बता दें, 25 सितंबर 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इरफान सोलंकी को गैंगस्टर मामले में जमानत दे दी थी. इसी मामले में उनके भाई रिजवान सोलंकी और सह अभियुक्त इजराइल आटेवाला को भी जमानत मिली थी. जमानत के बाद इरफान सोलंकी जेल से बाहर आ चुके हैं, लेकिन ट्रायल कोर्ट में मुकदमे की कार्यवाही अब भी जारी है.