कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में 4.48 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. यह 22,957 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे वाला बजट है. इसके साथ ही उनके नाम लगातार तीसरी बार राजस्व घाटे का बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया.
बजट में अल्पसंख्यकों के लिए भी कई योजनाओं की घोषणा की गई है. राज्य सरकार 600 करोड़ रुपये की लागत से 117 मौलाना आजाद मॉडल स्कूलों और उर्दू स्कूलों को कर्नाटक पब्लिक स्कूलों में अपग्रेड करेगी. इसके अलावा 400 करोड़ रुपये की लागत से 100 और स्कूलों को भी इसी तरह अपग्रेड किया जाएगा.
सरकार सीबीएसई पाठ्यक्रम के साथ 10 संत शिशुनाला शरीफ आवासीय विद्यालयों की स्थापना करके अपने रेजिडेंशियल स्कूल नेटवर्क का विस्तार भी कर रही है. आगामी सालों में ऐसे 25 और स्कूल खोलने की योजना है.
सरकार आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के 5,000 मेधावी अल्पसंख्यक छात्रों को 50,000 रुपये के लैपटॉप दिए जाएंगे.
जैन, बौद्ध और सिख समुदायों के विकास के लिए कुल 100 करोड़ रुपये प्रावधान किया गया है. जिसमें बौद्ध समुदाय के धम्मचारियों के लिए 6,000 रुपये का मासिक मानदेय भी शामिल है.
डॉ. बी.आर. अंबेडकर और अन्य समाज सुधारकों के लेखन का उर्दू में अनुवाद किया जाएगा ताकि उनकी पहुंच व्यापक हो सके.
सरकार बेरोजगार अल्पसंख्यक युवाओं के लिए फास्ट-फूड ट्रक ट्रेलर और मोबाइल किचन की तैनाती के लिए 3 लाख रुपये तक की 75% सब्सिडी प्रदान करेगी.
इसके अलावा उच्च मांग वाले वाणिज्यिक क्षेत्रों में स्थित वक्फ संपत्तियों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाना है ताकि उनकी उपयोगिता और राजस्व क्षमता को अधिकतम किया जा सके.
गारंटी योजनाओं पर खर्च
इन गारंटी योजनाओं पर कांग्रेस सरकार कुल ₹51,599 करोड़ खर्च कर रही है.
बेंगलुरु को मिलेगा नया एयरपोर्ट
बेंगलुरु सेंट्रल जेल में ड्रग डी-एडिक्शन (नशा मुक्ति) सेंटर स्थापित किया जाएगा. इसके साथ-साथ देश के तीसरे सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में उभर चुके बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए शहर में एक दूसरा नया एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा. इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से तकनीकी सलाह लेकर फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी.