दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जहां सिर्फ महिलाएं रह सकती हैं. यहां पुरुष कदम भी नहीं रख सकते हैं. ऐसी जगह फिनलैंड के पास बाल्टिक सागर में छिपा, शानदार सुपर शी आइलैंड है. यह दुनिया के सबसे अनोखे प्राइवेट प्लेस में से एक है.
यह पूरी तरह से सिर्फ महिलाओं के लिए बना एक आइलैंड है, जहां पुरुषों का आना पूरी तरह से मना है.यह खास 8.4 एकड़ का आइलैंड महिलाओं के लिए एक लग्जरी वेलनेस रिट्रीट के तौर पर डिजाइन किया गया था, जो आराम करने, तरोताजा होने और खुद से जुड़ने के लिए एक सुरक्षित और बिना किसी रुकावट वाला माहौल देता है.
2017 में क्रिस्टीना रोथ ने इसे शुरू किया था. सुपर शी की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, सुपरशी आइलैंड सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक आंदोलन है. महिलाओं के लिए एक विशेष स्थान बनाने का निर्णय सोच-समझकर लिया गया था. रोथ ने एक महिलाओं की ऐसी गहरी जरूरत को पहचाना जहां महिलाओं को एक सुरक्षित स्थान की जरूरत थी. एक ऐसी जगह जहां वे बाहरी दबावों से खुद को अलग कर सकें और अपने आप से जुड़ सकें.
क्यों सिर्फ महिलाओं के लिए रिजर्व है ये द्वीप
इसी अवधारणा के लिए इस जगह को सिर्फ महिलाओं के लिए रिजर्व रखा गया है. यह द्वीप आम घूमने की जगहों से अलग है. यहां बस ऐसे ही बुकिंग करके कोई भी नहीं आ सकता है. महिलाओं को भी इसके लिए अप्लाई करना होता है और सिलेक्शन होने के बाद ही वे यहां रुक सकती हैं, जो इसे दुनिया के सबसे खास घूमने के अनुभवों में से एक बनाता है.
हर रिट्रीट में एक बार में सिर्फ 10 महिलाओं को ही जगह मिलती है. इससे उनकी प्राइवेसी बनी रहती है और उन्हें एक बहुत ही पर्सनल अनुभव मिलता है. मेहमान इको-फ्रेंडली केबिन में रुकते हैं, जो आस-पास की कुदरती नॉर्डिक खूबसूरती — जंगलों, पथरीले किनारों और शांत समुद्र से घिरे होते हैं.
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इस द्वीप पर योग और मेडिटेशन, साफ-सुथरे नजारों के बीच हाइकिंग, बाल्टिक सागर के पानी में कयाकिंग, वेलनेस वर्कशॉप और कुकिंग क्लास, डिजिटल डिटॉक्स और माइंडफुलनेस सेशन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. जब रोथ ने इस द्वीप का मालिकाना हक हासिल किया. उस दौरान, यहां सिर्फ कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले मजदूरों को ही आने की इजाजत थी. इससे आइलैंड की सिर्फ महिलाओं के लिए बनी सख्त पॉलिसी और भी पक्की हो गई.
यह आइलैंड सिर्फ एक लग्ज़री छुट्टी बिताने की जगह ही नहीं है, बल्कि यह आज के जमाने का एक सांस्कृतिक ट्रेंड का हिस्सा भी है, जो वेलनेस टूरिज़्म, जेंडर से जुड़ी जगहों और सोच-समझकर जीने के तरीकों पर दुनिया भर में बढ़ रहे कल्चर को दिखाता है.