भारत में ज्यादातर घरों में खाना बनाने के लिए LPG गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है. आमतौर पर लोगों के घरों में लाल रंग का लोहे का गैस सिलेंडर दिखाई देता है. लेकिन अब गैस कंपनियों ने एक नया विकल्प भी बाजार में उतारा है, जिसे फाइबर या कंपोजिट गैस सिलेंडर (Xtralite Cylinder) कहा जाता है. यह सिलेंडर देखने में पारदर्शी और हल्का होता है. कई लोग इसे सुरक्षित, एडवांस और उपयोग में आसान मानते हैं. इसलिए धीरे-धीरे इसकी मांग भी बढ़ रही है. तो चलिए जानते हैं फाइबर वाला गैस सिलेंडर कितने का आता है, उसका कनेक्शन कैसे मिलता है और यह लाल सिलेंडर से कितना अलग है.
फाइबर गैस सिलेंडर क्या होता है
फाइबर सिलेंडर को कंपोजिट LPG सिलेंडर भी कहा जाता है. इसे स्टील की जगह फाइबर और प्लास्टिक कंपोजिट मटेरियल से बनाया जाता है. इसकी खास बात यह है कि यह सिलेंडर थोड़ा पारदर्शी (Transparent) होता है. यानी बाहर से ही यह देखा जा सकता है कि अंदर कितनी गैस बची हुई है. इसके अलावा यह सिलेंडर पारंपरिक लोहे के सिलेंडर की तुलना में काफी हल्का होता है, इसलिए इसे उठाना और रखना आसान होता है. भारत में इंडियन ऑयल (Indane) ने इस तरह के सिलेंडर लॉन्च किए हैं.

फाइबर गैस सिलेंडर की कीमत कितनी होती है
फाइबर गैस सिलेंडर की कीमत अलग-अलग शहरों में थोड़ी अलग हो सकती है. आम तौर पर इसकी कीमत इस प्रकार होती है:
10 किलो फाइबर सिलेंडर

5 किलो फाइबर सिलेंडर
यह कीमत समय और शहर के अनुसार बदल सकती है.
ध्यान देने वाली बात यह है कि फाइबर सिलेंडर का डिपॉजिट लोहे के सिलेंडर से थोड़ा ज्यादा हो सकता है, क्योंकि इसका निर्माण महंगा होता है.
लोहे वाले (रेड) सिलेंडर की कीमत
भारत में घरेलू उपयोग के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सिलेंडर 14.2 किलो वाला लाल रंग का सिलेंडर है.

इसकी कीमत लगभग:

यानी सामान्य घरेलू सिलेंडर का डिपॉजिट फाइबर सिलेंडर से थोड़ा कम हो सकता है.
फाइबर और लोहे के सिलेंडर में क्या अंतर है
1. वजन
फाइबर सिलेंडर हल्का होता है.
लोहे का सिलेंडर: लगभग 16 से 17 किलो
फाइबर सिलेंडर: लगभग 7 से 8 किलो
इसलिए बुजुर्ग और महिलाएं इसे आसानी से उठा सकती हैं.
2. गैस का लेवल दिखता है
फाइबर सिलेंडर पारदर्शी होता है.
इससे बाहर से ही पता चल जाता है कि कितनी गैस बची है.
लेकिन लोहे के सिलेंडर में ऐसा नहीं होता है.
3. सुरक्षा
कंपोजिट सिलेंडर को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
इसमें जंग नहीं लगती है.
यह फटने की संभावना कम होती है.
आग लगने की स्थिति में यह धीरे-धीरे पिघलता है.
4. डिजाइन
फाइबर सिलेंडर का लुक मॉडर्न और स्टाइलिश होता है.
जबकि लोहे का सिलेंडर पारंपरिक डिजाइन का होता है.
5. कीमत
रिफिल कीमत में ज्यादा अंतर नहीं होता, लेकिन
फाइबर सिलेंडर का डिपॉजिट ज्यादा हो सकता है.
फाइबर सिलेंडर किन लोगों के लिए अच्छा है
फाइबर सिलेंडर खासतौर पर इन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है क्योंकि इसका आकार छोटा और वजन हल्का होता है.
फाइबर गैस सिलेंडर का कनेक्शन कैसे लें
अगर आप फाइबर सिलेंडर लेना चाहते हैं तो गैस एजेंसी से संपर्क करें. आपको अपने नजदीकी Indane गैस एजेंसी पर जाना होगा. इसके लिए आपको अपने जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे.
कनेक्शन के लिए डॉक्यूमेंट
आपको सिलेंडर और रेगुलेटर के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा. डिपॉजिट देने के बाद आपको फाइबर सिलेंडर, रेगुलेटर, गैस पाइप दिया जाएगा.
फाइबर सिलेंडर के फायदे
फाइबर गैस सिलेंडर के कई फायदे हैं.
1. हल्का वजन- इसे आसानी से उठाया और रखा जा सकता है.
2. गैस लेवल दिखाई देता है. इससे पता चलता रहता है कि गैस कब खत्म होने वाली है.
3. जंग नहीं लगती- लोहे के सिलेंडर में जंग लगने की समस्या होती है, लेकिन फाइबर में नहीं.
4. सुरक्षित- इसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
फाइबर सिलेंडर के कुछ नुकसान
1. डिपॉजिट ज्यादा- शुरुआत में सिक्योरिटी डिपॉजिट ज्यादा देना पड़ सकता है.
2. हर जगह उपलब्ध नहीं- अभी सभी शहरों में यह आसानी से उपलब्ध नहीं है.
3. छोटा आकार- बड़े परिवार के लिए 5 या 10 किलो का सिलेंडर जल्दी खत्म हो सकता है.
छोटे गैस सिलेंडर भी हुए हैं लॉन्च
इंडियन ऑयल ने छोटे सिलेंडर भी लॉन्च किए हैं. जो 2 किलो का सिलेंडर होता है. इसे “मुन्ना सिलेंडर” भी कहा जाता है.इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किराना दुकान से भी खरीदा जा सकता है.

यह खासतौर पर इन लोगों के लिए बनाया गया है:

पहला धुआं मुक्त गांव
एक समय ऐसा था जब गांवों में लोग लकड़ी और कोयले से खाना बनाते थे. लेकिन अब LPG का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले का व्याचकुराहल्ली गांव देश का पहला ऐसा गांव बना, जहां सभी घरों ने LPG का इस्तेमाल शुरू कर दिया. इसे धुआं-मुक्त गांव घोषित किया गया.

फाइबर गैस सिलेंडर आधुनिक तकनीक से बना एक हल्का और सुरक्षित विकल्प है. इसकी कीमत आम तौर पर 750 से 900 रुपये के बीच होती है, जबकि लोहे के सिलेंडर की कीमत 900 से 1100 रुपये तक होती है. हालांकि लोहे के सिलेंडर में गैस ज्यादा होती है, इसलिए बड़े परिवारों के लिए वह ज्यादा किफायती साबित होता है. दूसरी ओर, छोटे परिवारों या हल्के और सुरक्षित सिलेंडर की तलाश करने वालों के लिए फाइबर सिलेंडर बेहतर विकल्प हो सकता है.