scorecardresearch
 
Advertisement
इन्फॉर्मेशन

गलती थी या फिर जानकर ऐसा किया गया? झुकी क्यों है पीसा की मीनार

Leaning Tower of Pisa history
  • 1/7

12वीं शताब्दी में इटली में अर्नो नदी पर स्थित एक व्यस्त व्यापार केंद्र था, जो फ्लोरेंस से लगभग 50 मील दूर था. इस जगह का नाम पीसा है. यहां एक गिरजाघर के घंटाघर का निर्माण शुरू हुआ. जब घंटाघर बनकर तैयार हुआ, तो वह एक तरफ झुका हुआ था. इसी संरचना को आज हम पीसा की मीनार के नाम से जानते हैं. यह मीनार कैसे झुकी चलिए जानते हैं इसकी दिलचस्प कहानी. (Photo - Pexels)

Leaning Tower of Pisa history
  • 2/7

इटली के पीसा शहर में पियाज़ा डेल डुओमो में किसी भी दिन चले जाइए, आपको टूरिस्ट तस्वीर के लिए पोज देते हुए दिखाई देंगे. उनके हाथ गिरजाघर के स्पष्ट रूप से झुके हुए घंटाघर की ओर फैले हुए रहते हैं, मानो वे अपनी पूरी ताकत से उसे सहारा दे रहे हों. यह है फेमस  पीसा की झुकी हुई मीनार.  दुनिया की सबसे प्रसिद्ध इमारतों में से एक है. अब सवाल उठता है कि यह मिनार झुकी कैसे? (Photo - Pexels)

Leaning Tower of Pisa history
  • 3/7

सन् 1173 में, मध्य इटली के टस्कनी में अर्नो और सेर्चियो नदियों के बीच स्थित पीसा के गिरजाघर परिसर के लिए सफेद संगमरमर के घंटाघर का निर्माण शुरू हुआ.  कहा जाता है कि निर्माण कार्य के दौरान ही, टावर की नींव नरम, दलदली जमीन में धंसने लगी थी.  इससे वह एक तरफ झुकने लगा. इसके निर्माताओं ने झुकाव को संतुलित करने के लिए ऊपरी मंजिलों को एक तरफ से थोड़ा ऊंचा बनाने की कोशिश की, लेकिन अतिरिक्त ईंट-पत्थर के इस्तेमाल से टावर और भी ज्यादा धंस गया. (Photo - Pexels)
 

Advertisement
Leaning Tower of Pisa history
  • 4/7

मीनार के झुकने की यह है कहानी
लगभग पांच साल बाद जब निर्माणकर्ताओं ने आठ मंजिलों में से तीसरी मंजिल का निर्माण पूरा किया. फिर भी टावर की नींव नीचे की जमीन पर धंस ही रही  थी.  इसके परिणाम स्वरूप यह संरचना दक्षिण की ओर झुकने लगी.इसके कुछ ही समय बाद, पीसा और एक अन्य इतालवी नगर-राज्य जेनोआ के बीच युद्ध छिड़ गया, जिससे लगभग एक सदी तक निर्माण कार्य रुक गया. इस देरी ने नींव को और अधिक स्थिर और मजबूत होने का मौका दिया. इसी स्थिरता और मजबूती की वजह से यह घंटाघर समय से पहले गिरने से बचा रहा. जब निर्माण कार्य फिर से शुरू हुआ, तो मुख्य इंजीनियर जियोवानी डि सिमोन ने एक तरफ अतिरिक्त चिनाई जोड़कर झुकाव को संतुलित करने का प्रयास किया, लेकिन अतिरिक्त भार के कारण स्ट्रक्चर और भी अधिक झुक गया. (Photo - Pexels)
 

Leaning Tower of Pisa history
  • 5/7

टावर आधिकारिक तौर पर लगभग 1370 में बनकर तैयार हुआ, लेकिन अगले छह शताब्दियों में इसका झुकाव और भी बढ़ता गया, जो स्मारक के अनूठे आकर्षण की एक पहचान बन गई. तब से लेकर अब तक आधुनिक इंजीनियरों का कहना है कि यह एक चमत्कार ही था कि यह पूरी तरह से कभी ढहा नहीं.   इसे मजबूत करने के विभिन्न प्रयासों के बावजूद, पीसा का टावर लगभग 0.05 इंच प्रति वर्ष की दर से धंसता रहा, जिससे इसके ढहने का खतरा बढ़ता गया. (Photo - Pexels)
 

Leaning Tower of Pisa history
  • 6/7

1990 तक, यह वर्टिकली 5.5 डिग्री (या लगभग 15 फीट) झुका हुआ था - जो अब तक का सबसे एक्सट्रीम एंगल था. उसी वर्ष, स्मारक को टूरिस्ट के लिए बंद कर दिया गया और घंटियों को हटा दिया गया. क्योंकि इंजीनियरों ने इसे स्थिर करने के लिए व्यापक मरम्मत कार्य शुरू किया. नीचे से मिट्टी निकालकर और मीनार के उत्तरी छोर पर भार लगाकर, वे मीनार के झुकाव को 13.5 फीट या वर्टिकली 4.0 डिग्री तक कम करने में सफल रहे. 2001 में मीनार के दोबारा खुलने के बाद भी इसे सीधा करने का काम जारी रहा और 2008 में सेंसर ने दिखाया कि लगभग 19 इंच के कुल सुधार के बाद, झुकने की गति रुक ​​गई थी. (Photo - Pexels)
 

Leaning Tower of Pisa history
  • 7/7

इंजीनियरों का अब मानना ​​है कि भूकंप या किसी अन्य अप्रत्याशित आपदा को छोड़कर, पीसा की झुकी हुई मीनार लगभग 200 वर्षों तक स्थिर रहेगी. पीसा की मिनार की इस कहानी से यही साबित होता है कि न तो इसे जानबूझकर कभी झुका हुआ बनाया गया, न ही इंजीनियरों ने कोई लापरवाही की. गलती बस इतनी थी कि इसकी नींव नरम और दलदली जमीन पर बनाई गई,इस वजह से इसे यह मिनार झुक गई और आजतक ऐसी ही है. (Photo - Pexels) 
 

Advertisement
Advertisement