भारत में नारियल का इस्तेमाल बहुत बड़े स्तर पर होता है, खासकर गर्मियों में इसकी मांग और भी बढ़ जाती है. आमतौर पर लोग सोचते हैं कि देश में सबसे ज्यादा नारियल केरल या तमिलनाडु में पैदा होता है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आज के समय में कर्नाटक देश में सबसे ज्यादा नारियल उत्पादन करने वाला राज्य बन चुका है.
कर्नाटक के तुमकुरु, हसन, चिकमगलूर और मांड्या जैसे जिले नारियल उत्पादन के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है. यहां की जलवायु नारियल के पेड़ों के लिए बहुत अनुकूल है. गर्मी, नमी, पर्याप्त धूप और अच्छी बारिश इन पेड़ों की बढ़त में मदद करती है.
दूसरे नंबर पर तमिलनाडु आता है, जहां करीब 609 करोड़ नारियल का उत्पादन हुआ, इसके बाद केरल तीसरे स्थान पर है, जहां लगभग 552 करोड़ नारियल पैदा होते हैं. इसके अलावा आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल भी नारियल उत्पादन में अपना योगदान देते हैं, हालांकि इनकी मात्रा दक्षिण भारत के राज्यों से कम है.
अगर पूरी दुनिया की बात करें, तो भारत नारियल उत्पादन में सबसे आगे है. दुनिया भर में जितना भी नारियल पैदा होता है, उसका लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारत में पैदा होता है.
देश में करीब 21,000 मिलियन से ज्यादा नारियल हर साल पैदा किए जाते हैं और लगभग 2,165 हजार हेक्टेयर जमीन पर इसकी खेती होती है. करीब 1 करोड़ किसान इस खेती से जुड़े हुए हैं, जिससे यह उनके लिए आय का एक बड़ा स्रोत बन गया है.
भारत में पैदा होने वाले नारियल की मांग सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि कलाकारों में भी काफी ज्यादा है. वियतनाम, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश जैसे देश भारत से बड़ी मात्रा में लागत निर्धारण हैं. इसके अलावा मलेशिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, नीदरलैंड और सऊदी अरब जैसे कई अन्य देश भी भारतीय नारियल का आयात करते हैं.
भारत की लंबी समुद्री तट रेखा, खासकर दक्षिण भारत के राज्यों में, नारियल के पेड़ों के लिए बहुत अच्छा वातावरण बनाती है. यहां का मौसम सालभर गर्म और नम रहता है, जो नारियल की खेती के लिए जरूरी होता है.
इसके अलावा मानसून के कारण अच्छी बारिश होती है, जिससे पेड़ों को पर्याप्त पानी मिलता है. तटीय इलाकों की रेतीली और जल निकासी वाली मिट्टी भी इस खेती के लिए बहुत फायदेमंद होती है.
इन्हीं सब कारणों की वजह से भारत को नारियल का गढ़ कहा जाता है. यहां के किसानों ने भी समय के साथ इस खेती को अपनाया और इसे बड़े स्तर पर विकसित किया. आज भारत न सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि दुनिया के कई देशों को नारियल निर्यात करके अपनी मजबूत पहचान भी बना चुका है.