आपने आम, सेब, संतरा, तरबूज, केला और अमरूद जैसे कई फल खाए होंगे. इन सभी फलों में बीज आमतौर पर अंदर होते हैं. लेकिन एक ऐसा फल भी है जो इससे बिल्कुल अलग है, इसके बीज बाहर होते हैं.
इस खास फल का नाम है स्ट्रॉबेरी. अगर आपने स्ट्रॉबेरी को ध्यान से देखा हो, तो उसके ऊपर छोटे-छोटे पीले रंग के दाने नजर आते हैं. यही दाने असल में उसके बीज होते हैं. यानी स्ट्रॉबेरी ऐसा अनोखा फल है, जिसके बीज अंदर नहीं बल्कि बाहर होते हैं, जो इसे बाकी फलों से अलग बनाता है.
स्ट्रॉबेरी देखने में एक साधारण और आम फल लगती है, लेकिन असल में इसकी बनावट काफी खास और थोड़ी जटिल होती है. आमतौर पर हम सोचते हैं कि जो लाल और रसदार हिस्सा हम खाते हैं वही असली फल है, लेकिन बॉटनी के अनुसार सच्चाई कुछ अलग है.
स्ट्रॉबेरी के ऊपर जो छोटे-छोटे दाने बीज जैसे दिखते हैं होते हैं, वे ही असली फल होते हैं. इन्हें वैज्ञानिक भाषा में एचीन्स कहा जाता है. हर एक छोटा दाना अपने आप में एक पूरा फल होता है, जिसके अंदर असली बीज होता है.
अब बात करें लाल हिस्से की, जिसे हम खाते हैं. यह हिस्सा असली फल नहीं होता, बल्कि यह पौधे का एक फूला हुआ भाग होता है, जिसे रिसेप्टेकल कहा जाता है.यह वही हिस्सा है जो फूल के आधार से विकसित होता है और सभी छोटे-छोटे फलों को सहारा देता है.
यही कारण है कि स्ट्रॉबेरी को 'ट्रू फ्रूट नहीं माना जाता. बॉटनी में स्ट्रॉबेरी को एग्रीगेट फ्रूट कहा जाता है यानी एक फूल से कई छोटे-छोटे फल बनते हैं, जो मिलकर एक पूरी स्ट्रॉबेरी का रूप लेते हैं.