1977 का आरंभ भारत के लिए नया सवेरा लेकर आया. तानाशाही की 19 महीने की लंबी काली रात लोकतंत्र पर अपनी छाप छोड़ने लगी. जनवरी महीने में ही प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने चुनाव कराने के ऐलान कर दिया. जेल में बंद विपक्ष के तमाम छोटे बड़े नेताओं को रिहा कर दिया गया. 19 जनवरी को मोरजजी देसाई के घर पर उनकी पार्टी कांग्रेस ओ, हिंदूवादी पार्टी जनसंघ, चरण सिंह की पार्टी भारतीय लोकदल और समाजवादियों की सोशलिस्ट पार्टियों के नेताओं की बैठक हुई. फिर क्या हुआ इस वीडियो में देखिए....