उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की बहुप्रतीक्षित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा रविवार 14 जून को राज्य के सभी 13 जिलों में आयोजित की जाएगी. परीक्षा को लेकर प्रशासन और आयोग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं.
दरअसल, यह परीक्षा पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) समेत विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जा रही है. परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्धारित किया गया है.
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राज्यभर से कुल 46 हजार 350 अभ्यर्थियों ने इस भर्ती परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है. अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए 238 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.
देहरादून में सबसे अधिक अभ्यर्थी
आयोग के अनुसार सबसे अधिक अभ्यर्थी देहरादून जिले में परीक्षा देंगे. यहां 116 परीक्षा केंद्रों पर कुल 24 हजार 376 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे.
हरिद्वार जिले में 5 हजार 328 अभ्यर्थियों के लिए 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. वहीं, ऊधमसिंह नगर में 4 हजार 452 अभ्यर्थियों के लिए 18 केंद्र निर्धारित किए गए हैं.
नैनीताल जिले में 4 हजार 756 अभ्यर्थी 23 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे. इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि सभी अभ्यर्थी आसानी से परीक्षा में शामिल हो सकें.
नकल रोकने के लिए हाईटेक निगरानी
परीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने इस बार विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी.
अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था भी की गई है. परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों की पहचान का मिलान किया जाएगा.
पिछले वर्षों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों और नकल के मामलों को देखते हुए आयोग इस बार किसी भी तरह की चूक से बचना चाहता है. इसी वजह से तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल
प्रशासन ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की अलग से पहचान की है. ऐसे केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है.
परीक्षा की निगरानी के लिए जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और उड़नदस्ते लगातार सक्रिय रहेंगे. ये टीमें परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर किसी भी अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई करेंगी.
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.