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उत्तराखंड: पुलिस ने सूझबूझ से सुलझाया कोटद्वार में दुकान के नाम पर छिड़ा विवाद, चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात

उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कोटद्वार में एक दुकान के नाम 'बाबा' को लेकर हिंदू संगठन द्वारा उठाए गए विरोध के बाद हुआ विवाद को सुलझ गया. पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के साथ बातचीत के बाद ये मामला शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया है.

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पुलिस ने सुलझाया कोटद्वार में दुकान के नाम पर छिड़ा विवाद. (File photo: ITG)
पुलिस ने सुलझाया कोटद्वार में दुकान के नाम पर छिड़ा विवाद. (File photo: ITG)

उत्तराखंड के कोटद्वार में कपड़ों की दुकान 'बाबा' के नाम को लेकर बजरंग दल और दुकान मालिक के बीच विवाद शनिवार को बातचीत के बाद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ गया. पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाई और सुरक्षा के लिए फ्लैग मार्च किया. स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ाई और लोगों से संयम की अपील की है.

कोटद्वार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के साथ विस्तृत वार्ता के बाद सहमति बन गई है. दुकान का नाम 'बाबा' ही रहेगा और बजरंग दल की ओर से इस नाम को लेकर कोई विरोध या प्रदर्शन नहीं किया जाएगा.

एएसपी ने कहा कि स्थिति को शांत और सुरक्षित बनाए रखने के लिए रविवार को भी शनिवार की तरह फ्लैग मार्च निकाला गया. सतर्कता के तौर पर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से सटी कौरिया सीमा पर पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कोई शरारती तत्व राज्य में घुसकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश न कर सके.

कैसे शुरू हुआ विवाद

दरअसल, पटेल मार्ग पर स्थित कपड़ों की दुकान 'बाबा' के मालिक मोहम्मद शोएब पर पिछले कुछ वक्त से बजरंग दल के कार्यकर्ता दबाव बना रहे थे कि दुकान का नाम बदल दिया जाए. करीब ढाई महीने पहले बजरंग दल ने दावा किया था कि दुकान का नाम 'बाबा' कोटद्वार के प्रसिद्ध सिद्धबली बाबा (हनुमान मंदिर) से मिलता-जुलता है, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है. इस आधार पर दुकान मालिक से नाम बदलने की मांग की गई थी.

शोएब ने तब आश्वासन दिया था कि दुकान नई जगह शिफ्ट होने पर नाम बदल दिया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, 10-15 दिन पहले दुकान को 30-40 मीटर दूर नई जगह पर शिफ्ट करने के बाद भी बजरंग दल ने विरोध जारी रखा.

इसके बाद 28 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जिस दौरान दुकान मालिक शोएब और उनके दोस्त दीपक चंद (जिम मालिक) के साथ झड़प हो गई. इस दौरान चंद ने कथित तौर पर अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया और प्रदर्शनकारियों को वहां से जाने के लिए मजबूर किया.

इसके बाद 31 जनवरी को फिर से बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता, जिनमें देहरादून और हरिद्वार से आए लोग भी शामिल थे, दुकान पर पहुंचे. संगठन के प्रांतीय गौ रक्षा प्रकोष्ठ प्रमुख नरेश उनियाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जिम मालिक दीपक की गिरफ्तारी की मांग की.

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पुलिस ने दिखाई सतर्कता

इसी बीच घटनास्थल पर भीड़ बढ़ने लगी, जिसके चलते पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी और लोगों को तितर-बितर करने का प्रयास करना पड़ा.

इसी दौरान, दीपक और अन्य लोगों ने मालवीय पार्क की ओर से नारे लगाते हुए आ रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का सामना किया. इससे दोनों समूहों के बीच झड़प हुई और स्थिति बिगड़ने लगी. हालांकि, पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से एक बड़े टकराव को रोका जा सका, लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ता मालवीय पार्क के पास सड़क पर बैठ गए और नारे लगाते रहे.

इसके बाद उप-मंडल मजिस्ट्रेट चटर सिंह चौहान और एएसपी सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और श्रमिकों को मालवीय पार्क के अंदर ले जाकर उनसे बातचीत की.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दीपक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उस पर इंटरनेट पर विवादित सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया. पुलिस ने दीपक को मौके पर बुलाया, उससे पोस्ट हटवाई और इस तरह स्थिति को शांत किया.

इसके बाद सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में अधिकारियों के साथ कोटद्वार कस्बे में फ्लैग मार्च किया. फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल ने मुख्य बाजारों, संवेदनशील क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थानों और आवासीय क्षेत्रों में पैदल गश्त की और नागरिकों से आपसी भाईचारा, संयम और सद्भाव बनाए रखने की अपील की.

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