उत्तर प्रदेश के पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री और रामपुर के पूर्व सांसद नेपाल सिंह का आज शुक्रवार को हार्ट अटैक की वजह से निधन हो गया है. नेपाल सिंह 2014 में रामपुर संसदीय सीट से चुने गए थे और इससे पहले 5 बार विधायक भी रहे थे.
नेपाल सिंह 5 बार विधायक और एक बार लोकसभा सांसद रहे थे. वह पहली और आखिरी बार 2014 में रामपुर संसदीय सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे. वह 79 वर्ष के थे.
Former Uttar Pradesh Secondary Education Minister & former Rampur MP Nepal Singh passes away due to heart attack in Rampur.
— ANI UP (@ANINewsUP)
2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल संसदीय रामपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. 2014 के संसदीय चुनाव में उत्तर प्रदेश से कोई भी मुस्लिम सांसद चुनकर नहीं गया था, जो कि इतिहास में पहली बार हुआ था.
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पश्चिम उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाने वाले नेपाल सिंह का जन्म 12 अगस्त 1940 को अलीगढ़ के चंदौला में हुआ था. डॉक्टर भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा, से रसायन विज्ञान में परास्नातक करने के बाद पीएचडी की डिग्री हासिल की थी.नेपाल सिंह पहली बार 1986 में विधायक चुने गए थे. इसके बाद 4 और बार विधायक चुने गए. इस दौरान वह उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंत्री में बने.
रामपुर संसदीय सीट का इतिहास
1952 में हुए पहले संसदीय चुनाव में रामपुर से कांग्रेस की ओर से डॉ. अबुल कलाम आजाद ने जीत दर्ज की थी. 1952 से लेकर 1971 तक इस संसदीय सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा, लेकिन 1977 में भारतीय लोकदल के प्रत्याशी ने यहां से जीत हासिल की. लेकिन कांग्रेस का फिर से यहां पर दबदबा कायम हो गया.
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कांग्रेस के ज़ुल्फिकार अली खान ने 1967 से लगातार तीन बार यहां से चुनाव जीत. ज़ुल्फिकार कुल 5 बार रामपुर से सांसद रहे.
1991 और 1998 में इस संसदीय सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जीत दर्ज की थी. 1998 में बीजेपी के टिकट पर मुख्तार अब्बास नकवी चुनाव जीते थे. उसके बाद 2004 और 2009 में समाजवादी पार्टी की तरफ से बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा सांसद चुनी गई. यहां हुए कुल 17 चुनाव में से 10 बार कांग्रेस जीती है.
2014 में बीजेपी ने तीसरी बार जीत हासिल की और नेपाल सिंह सांसद चुने गए. 2019 लोकसभा में आजम खान ने चुनाव में जीत हासिल की थी.