
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है. इसकी वजह से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. मौसम विभाग की माने तो आने वाले एक-दो दिनों मे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. यानी यूपी के लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलती दिख रही है.
लगातार हो रही बारिश की वजह से जालौन, हरदोई, हापुड़, नोएडा, इटावा, कानपुर, बागपत, मेरठ, फर्रुखाबाद, बिजनौर, फिरोजाबाद, संभल, मुरादाबाद, एटा और कानपुर देहात में इंटरमीडिएट तक के स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. बारिश की वजह से नदियों में भी उफान है और बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं.
आइए जानते हैं कि किस जिले में बारिश का क्या हाल है-
हमीरपुर में बारिश की वजह से खेत खलिहान डूबे
बुंदेलखंड के हमीरपुर जिले में रात भर हुई भारी बरसात से सभी खेत- खलिहान डूब गए हैं और पोखर-तालाब लबालब भर गए हैं. खेतों मे इतना पानी भर गया है कि वो तालाब की तरह दिख रहे हैं. भारी बरसात से दर्जनों कच्चे मकान गिर गए. बिजली गिरने से खांडेह गांव में बना 12वीं सदी का प्राचीन शिव मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया.

अलीगढ़ में भारी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, अस्पताल में भरा पानी
अलीगढ़ में बारिश ने पिछले 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. रविवार को हुई तेज बारिश ने पूरे अलीगढ़ को जलमग्न कर दिया. सिर्फ ऊपरकोट क्षेत्र ही एक ऐसी जगह थी, जहां पर बारिश का पानी नहीं था. बाकी पूरे अलीगढ़ में जलभराव की स्थिति रही. शहर एक टापू की तरह दिखाई दिया. एएमयू के मेडिकल कॉलेज के वार्ड तक में पानी भर गया.

मरीजों को पहली मंजिल पर शिफ्ट करना पड़ा. भारी बरसात के चलते किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है. उनकी धान की फसल बिल्कुल बिछ गई है. सांसद सतीश गौतम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख किसानों की बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर जल्द मुआवजा देने के अनुरोध किया है.
बाराबंकी में बरसात की वजह से लोग बेहाल
बाराबंकी में रात से हो रही बारिश ने नगरपालिका नवाबगंज समेत ज़िले भर के ड्रेनेज़ व्यवस्था की पोल खोल रख दी है. जलभराव से आम आदमी का जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. नालियां चोक होने से मोहल्ले तालाब बन गए हैं. दवाओं का छिड़काव न होने से मच्छरों और कीड़े मकोड़ो की संख्या में वृद्धि हुई है.

बाराबंकी की तीनों प्रमुख नदियां सरयू, गोमती व कल्याणी का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे आसापास के खेतों में पानी भर गया है.वही ज़िला प्रशासन सिर्फ खाना पूर्ति कर रहा है. ज़िले की नगर पंचायतों का भी हाल बेहाल है.
मेरठ मे पिछले 48 घंटों से भारी बारिश
मेरठ में पिछले 48 घंटे से बारिश हो रही है, जिसके चलते सोमवार को मेरठ के जिलाधिकारी द्वारा स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है. लगातार बारिश होने से मेरठ के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. मेरठ के लिसाड़ी गेट ,जाकिर कॉलोनी, इस्लामाबाद, माधवपुरम मलियाना, गढ़ रोड के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है.

आलम यह है कि रविवार को जल भराव के चलते एक कार को पीछे करते समय कार नाले में गिर गई. स्थानीय लोगों ने बमुश्किल कार चला रहे युवक को नाले में से निकाला. वहीं लापरवाह नगर निगम के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर नारेबाजी की गई.
मथुरा में भारी बारिश से लोग कर रहे त्राहिमाम
मथुरा जिले में पिछले 2 दिनों से हो रही बारिश से आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार हो रही बारिश के कहर के चलते मथुरा के नए बस स्टैंड के रेलवे पुल के नीचे पानी भरा हुआ है, जिस कारण आम जनमानस को रेलवे पुल के ऊपर रेलवे क्रॉसिंग से रास्ता तय करना पड़ रहा है.
संभल मे भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त
संभल में 8 अक्टूबर से लगतार हो रही बारिश की वजह से शहर में चौतरफा जल भराव हो गया है. शहर के मुख्य मार्गो पर घुटने-घुटने तक बारिश का पानी भरा है. तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने लोगों का घर बहार निकलना मुश्किल कर रखा है. वहीं संभल के चन्दौसी नगर पालिका की लापरवही के चलते शहर के नाले नालिया चोक पड़ी है.

इससे शहर में जल भराव की समस्या बनी हुयी है. बारिश के कारण चन्दौसी कोतवाली, फुब्बारा चौक, संभल गेट ,रेलवे स्टेशन ,रोडवेज बस स्टैंड पर जाने बाले मार्गो पर घुटने तक जल भराव की स्थति बरकार बनी हुई है.
बलरामपुर में बारिश ने मचाया कहर
यूपी के बलरामपुर में बारिश और बाढ़ ने भीषण तबाही मचा रखी है. जिले में भीषण जल प्रलय से मचा हाहाकार हुआ है. राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.44 मीटर ऊपर पहुंच चुका है. राप्ती नदी के साथ पहाड़ी नाले भी पूरे उफान पर है. बलरामपुर शहर के अंदर चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है.

शहर के अधिकांश मोहल्ले बाढ़ की पानी में डूबे हुए हैं. शहर की सुरक्षा के लिए बनाए गए एमएलटीडी बांध में रिसाव शुरू हुआ है. भीषण बाढ़ को देख जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं. शहर के सभी मुख्य स्थानों पर बाढ़ का पानी घुस गया है. ग्रामीण क्षेत्रों की हालत बद से बदतर है. जिले के लगभग 350 गांव में जलमग्न है.
बरेली में भारी बारिश से लोग परेशान
बरेली मे बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है. पिछले 50 घंटे से ज्यादा समय से बारिश होने से जहां पूरा बरेली शहर पानी-पानी हो गया है, वहीं बारिश ज्यादा होने की वजह से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है. गन्ने के खेत भी इससे बच नहीं पाए हैं. लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह नहरे उफान पर है.
लगातार हो रही बारिश से लखीमपुर हुआ लबालब
लखीमपुर खीरी जिले में भी लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते खेत-खलिहान में लगी लाखों हेक्टेयर की धान और गन्ने की खड़ी फसल बर्बाद हो रही है. वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी पानी भरने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
मिर्जापुर में बारिश से जनजीवन बेहाल
मिर्ज़ापुर में पिछले 24 घंटे से हो रही बरसात के कारण आकाशीय बिजली गिरने से कई लोग झुलस गये. चिल्ह थाने पर लगे टॉवर पर बिजली गिरने से थाने में लगे कंप्यूटर और बिजली के उपकरण जल गये, जिसकी वजह से कामकाज ठप हो गया. वहीं चिल्ह इलाक़े के जगदीश में मंदिर पर बिजली गिरने से तीन लोग मामूली रूप से लोग झुलस गये.
( हमीरपुर से नाहिद अंसारी, अलीगढ़ से शिवम सारस्वत, बाराबंकी से रेहान मुस्तफा, मेरठ से उस्मान चौधरी, मथुरा से मदन गोपाल शर्मा, संभल से अनूप, बलरामपुर से सुजीत शर्मा, बरेली से कृष्ण गोपाल राज, लखीमपुर से अभिषेक वर्मा, औरैया से सूर्या शर्मा और मिर्जापुर से सुरेश कुमार सिंह के इनपुट के साथ )