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यूपी में सस्ता हुआ कोरोना टेस्ट, अब 1500 नहीं 600 रुपये देने होंगे

यूपी में अब से थैलेसीमिया व हीमोफीलिया के मरीजों और उनके तीमारदारों की कोरोना जांच निशुल्क की जाएगी. वहीं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों और 1 तीमारदार की आरटीपीसीआर जांच 300 रुपये में होगी. 

स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी में अब कोरोना टेस्ट कराना हुआ सस्ता
  • कोरोना संक्रमण की जांच के लिए देने होंगे 600 रुपये
  • मोबाइल वैन पर सस्ती दरों पर उपलब्ध होगा आलू-प्याज

यूपी में लोगों के लिए अब कोरोना टेस्ट कराना और भी सस्ता हो गया है. प्रदेश में अब 600 रुपये में कोरोना संक्रमण की जांच हो सकेगी. राजकीय मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए अब सिर्फ 600 रुपये ही देने होंगे.

इसके अलावा थैलेसीमिया व हीमोफीलिया के मरीजों और उनके तीमारदारों की कोरोना जांच निशुल्क की जाएगी. जांच के लिए तय की गई अधिकतम राशि को 1500 रुपये से घटाकर अब 600 रुपये कर दिया गया है. वहीं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों और 1 तीमारदार की आरटी-पीसीआर जांच महज 300 रुपयों में ही होगी. 

मोबाइल वैन पर मिलेगा सस्ता आलू-प्याज

योगी सरकार ने आलू-प्याज के बढ़े हुए दामों को देखते हुए इसे मोबाइल वैन पर सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाने की बात कही है. शुक्रवार से लखनऊ में इसकी शुरुआत होगी. नए रेट के मुताबिक लोगों को आलू 36 रुपये और प्याज 55 रुपये किलो बेचा जाएगा. आलू-प्याज की आसमान छूती कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि और विपणन कार्य से जुड़ी संस्थाओं और विभागों को समस्या के समाधान करने के निर्देश दिए थे.

वैन से आलू-प्याज के साथ-साथ दाल भी बेचने की योजना है. मंडी परिषद के द्वारा इस योजना के लिए कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है. लखनऊ के बाद इस योजना को अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा. 

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15 मंडलों के उप श्रम आयुक्त को चेतावनी
श्रमिक कल्याण की योजनाओं में लापरवाही बरतने पर 15 मंडलों के उप श्रम आयुक्त को चेतावनी दी गई है. इन सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है. जिन मंडलों में लापरवाही की गई है उनमें झांसी, नोएडा, वाराणसी, मुरादाबाद, अलीगढ़, आजमगढ़, प्रयागराज, गाजियाबाद, चित्रकूट, देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती, मिर्जापुर, मेरठ और सहारनपुर मंडल शामिल है. इस संबंध में अपर श्रम कल्याण आयुक्त फैसल आफताब ने पत्र जारी कर दिया है.

दरअसल कई स्थानों पर परिषद की योजनाओं को लेकर 50 से भी कम आवेदन आए थे. इस पर परिषद ने चेतावनी दी है कि अफसरों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. 

 

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