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बिजनौर: कोर्टरूम में हत्या के मामले में 18 पुलिसकर्मी सस्पेंड

हाजी अहसान-शादाब हत्याकांड के आरोपियों को दिल्ली पुलिस तिहाड़ से बिजनौर कोर्ट में पेशी पर लेकर गई थी. कोर्ट के अंदर ही हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज और उसके साथी जब्बार पर तीन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की. शहनवाज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जब्बार फरार हो गया.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

  • हिस्ट्रीशीटर शहनवाज की मौके पर ही मौत
  • दूसरा आरोपी जब्बार मौके से फरार हो गया

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सीजेएम कोर्ट के अंदर फायरिंग और हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. एसपी संजीव त्यागी ने चौकी प्रभारी समेत 18 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. बता दें, हाजी अहसान-शादाब हत्याकांड के आरोपियों को दिल्ली पुलिस तिहाड़ से बिजनौर कोर्ट में पेशी पर लेकर गई थी. कोर्ट के अंदर ही हिस्ट्रीशीटर शहनवाज और उसके साथी जब्बार पर तीन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की. शहनवाज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जब्बार फरार हो गया.

पुलिस ने फायरिंग करने वाले तीनों आरोपियों को में ही बंद कर दिया और बाहर भारी पुलिसबल तैनात कर दिया. गोली लगने से हेड मोहर्रिर और दिल्ली पुलिस का एक सिपाही भी घायल हो गया. इस दौरान ऐसे हालात बने कि जज को भी भागकर जान बचानी पड़ी. वहीं, कोर्ट परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया.

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ने बताया कि हाजी अहसान के बेटे साहिल और उसके दो साथियों ने इस सनसनीखेज हमले को अंजाम दिया है. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. हमले में शहनवाज की मौके पर ही मौत हो गई जबकि जब्बार चकमा देकर फरार हो गया. पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने बताया की जनपद बिजनौर में करीब 6 माह पहले थाना नजीमाबाद क्षेत्र में अहसान खान और उसके भांजे का डबल मर्डर हुआ था. उस अभियोग में मुख्य अभियुक्त शहनावाज की मंगलवार को कोर्ट में पेशी थी.

उन्होंने कहा, "पेशी के दौरान अहसान खान के बेटे ने अपने दो साथियों के साथ कोर्ट परिसर के अदंर गोली चलाई, जिसमें शाहनवाज की मौत हो गई. इस मामले में तीन अभियुक्तों को पुलिस ने पकड़ लिया. हेड मोहर्रिर मनीष भी गोली लगने से घायल हो गया."

संजीव त्यागी ने कहा, "मामले की जांच हो रही है. पुलिस ने शहनवाज के शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेजा. कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस तीनों हत्योरोपितों को थाने ले गई." गौरतलब है कि बिजनौर में इसी साल 28 मई को नेता हाजी अहसान और उनके भांजे शादाब की उनके दफ्तर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बाइक सवार तीन युवक हाथ में मिठाई का डिब्बा लेकर आए थे, जिसमें हथियार छिपा हुआ था.

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वारदात से पहले युवकों ने अंदर जाकर पूछा था कि हाजी अहसान कौन हैं और डिब्बे में से पिस्टल निकालकर दोनों पर गोलियां बरसा दी थीं. अहसान प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करते थे.(इनपुट/संजीव शर्मा)

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