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खुशखबरी! UP के 15 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा फ्री राशन, सरकार ने बढ़ाई मियाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है. फ्री राशन स्कीम को फिर से तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. यूपी के 15 करोड लोगों को राशन आगे भी मिलता रहेगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीन महीने बढ़ाई गई फ्री राशन स्कीम
  • 15 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा राशन

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मुफ्त राशन योजना को तीन महीने के लिए फिर से बढ़ा दिया है. अब सितंबर तक यूपी के 15 करोड़ लोगों को फ्री राशन मिलता रहेगा. इससे पहले यूपी में योगी सरकार की वापसी के बाद 26 मार्च को फ्री राशन योजना को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया था. जून में यह अवधि समाप्त हो रही थी, जिसे फिर से बढ़ा दिया गया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के पहले प्रदेश के लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने फ्री राशन स्कीम को तीन महीने और बढ़ाये जाने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगले तीन महीने तक यूपी के 15 करोड़ लोगों को फ्री राशन आगे भी मिलता रहेगा.

फ्री राशन स्कीम के तहत योगी सरकार की ओर से परिवार को 35 किलो राशन (चावल या गेहूं) के साथ ही दाल, चीनी, खाद्य तेल, नमक जैसी खाद्य वस्तुओं को मुफ्त में दिया जाता है. सभी राशनकार्ड धारकों और अंत्योदय राशन कार्ड के लाभार्थियों के परिवारों में फ्री राशन जून तक वितरित किया जाना था, जिसे अब बढ़ाया जा रह है.

परिवार के एक सदस्य को नौकरी या रोजगार देगी सरकार

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया था कि हम लोग 'परिवार कार्ड' जारी करने जा रहे हैं, इसके अंतर्गत सरकारी नौकरी, रोजगार या स्वरोजगार से वंचित परिवारों को चिह्नित किया जाएगा, राज्य सरकार का प्रयास होगा कि हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को नौकरी, रोजगार अथवा स्वरोजगार के साथ जोड़ा जाए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में हमने आने के बाद एक जनपद एक उत्पाद की कार्ययोजना बनाकर काम शुरू किया, आज 1 लाख 56 हजार करोड़ के प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट हो रहे हैं, हस्तशिल्पी और कारीगरों ने अपने कौशल का परिचय दिया और बैंकर्स ने सहयोग किया, आज हमने बेरोजगारी दर को हमने 3 फीसदी कम कर दिया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले लोन देने के लिए किसको देना चाहिए नहीं पता होता था, कोरोनकाल में भी देश का पहला लोन मेला आयोजित किया था, सकरात्मक पहल का असर अब दिखाई दे रहा है, मैंने कारीगरों-हस्तशिल्पियों से बात की, इनका सहयोग स्थानीय प्रशासन, बैंकर्स, शासन सबने किया और आज उनके चेहरे पर नई चमक है.

 

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