scorecardresearch
 

बुलडोजर, गिरफ्तारी और पिटाई... प्रयागराज से लेकर सहारनपुर तक योगी सरकार का एक्शन

3 जून को जुमे की नमाज के बाद कानपुर सुलग उठा था. 10 जून को प्रयागराज समेत कई जिलों में हिंसा और आगजनी हुई. इसके बाद योगी सरकार एक्शन में आ गई है. प्रयागराज से सहारनपुर तक एक्शन जारी है. बुलडोजर चल रहा है और आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है.

X
प्रयागराज हिंसा के आरोपी के घर पर चला बुलडोजर प्रयागराज हिंसा के आरोपी के घर पर चला बुलडोजर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी में हिंसा पर योगी सरकार का बुलडोजर एक्शन
  • प्रयागराज में मुख्य आरोपी का गिराया गया घर

10 जून को पूरे देश समेत उत्तर प्रदेश में भी जमकर हिंसा और पत्थरबाजी हुई. इस पर कार्रवाई शुरू हो गई है. 9 जिलों में 13 एफआईआर दर्ज हुईं. 306 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हुई. प्रयागराज हिंसा के मुख्य आरोपी जावेद पंप के घर पर बुलडोजर चला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया कि ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो नज़ीर बनेगी.

हिंसा के लिए उकसाने के आरोप वाले जावेद के घर का पहले गेट टूटा, फिर दीवारें, फिर कमरे और पीछे रह गया खंडहर, मलबा, धूल का गुबार. योगी सरकार ने साफ कह दिया है कि जो कानून व्यवस्था को छेड़ेगा, कानून उसको नहीं छोड़ेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि हिंसा के आरोपियों को जवाब वो मिलेगा, जो नज़ीर बनेगा.

जावेद प्रयागराज के अटाला में रहता है. टुल्लू पंप का कारोबारी होने की वजह से इसके नाम के साथ पंप जुड़ गया. प्रयागराज हिंसा का मुख्य आरोपी जावेद को ही बताया जा रहा है. जावेद पंप वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया का प्रदेश महासचिव है. वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया का नाम दिल्ली हिंसा में भी आया था.

जुमे के बाद हिंसा के दौरान पत्थरबाजी

पुलिस को जावेद पंप के मोबाइल से कई सुबूत मिले हैं. भड़काऊ बयान की कई क्लिपिंग मिली हैं जिनका कनेक्शन 10 जून को प्रयागराज में हुई हिंसा से है. आरोप जावेद पंप के जब्त मोबाइल की फॉरेंसिक जांच भी हो रही है. डिलीट किए गए चैट और कॉल डीटेल्स की पूरी जांच हो रही है. इसमें जो और लोग दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई होगी.

जुमे की नमाज के बाद हिंसा के दौरान पुलिस ने किया लाठीचार्ज

जावेद पर आरोप है कि 10 जून जो हिंसा हुई वो उसका सूत्रधार है, 10 जून की साजिश का वो मास्टरमाइंड है. उसका घर जो आज खंडहर है वो भी नक्शे के हिसाब से ठीक नहीं था. योगी सरकार का कहना है कि अवैध निर्माण वाले घर का हिसाब तो हो गया लेकिन साजिशों का हिसाब अभी और बाकी है. अभी कानून की और बड़ी और कार्रवाई बाकी है. 

बुलडोजर चला है तो सियासत की गाड़ी भी दौड़ पड़ी है. बुलडोजर क्यों चला? कैसे चला? चलना चाहिए था या नहीं? सवाल उठे और जवाब भी दिए जा रहे हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'यूपी का सीएम, यूपी का चीफ जस्टिस बन चुका है. वो फैसला करेगा कि किसका घर तोड़ना है. आप एक समुदाय के घरों पर बुलडोजर चलाकर, देश के संविधान को कमजोर कर रहे हैं. अदालत को ताला लगा दो. जजों को कह दो कि अदालत न आएं.' 

जुमे की नमाज के बाद हिंसा

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'ये कहां का इंसाफ़ है कि जिसकी वजह से देश में हालात बिगड़े और दुनिया भर में सख़्त प्रतिक्रिया हुई वो सुरक्षा के घेरे में हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बिना वैधानिक जांच पड़ताल बुलडोज़र से सज़ा दी जा रही है. इसकी अनुमति न हमारी संस्कृति देती है, न धर्म, न विधान, न संविधान.'

वहीं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा किहिंसा का कोई स्थान लोकतंत्र में नही है, आप अपनी बात रख सकते हैं, तोड़फोड़ कर हल नहीं निकलेगा, जो राजनीतिक दल इसमें लिप्त हैं उनको समझना चाहिए, सवाल यह है कि इनको कहां से ताकत मिल रही है, कुछ संस्थाएं ऐसी हैं जिनका नाम बार बार आ रहा है इनपर भी कारवाई होनी चाहिए.

बहरहाल एक दिन के कुछ घंटे हिंसा के आरोपियों के थे. अब हर बीतता दिन कानून का है, जो चोट खून बहा वर्दी का, जो चोट लगी शांति व्यवस्था पर, जो हमला हुआ कानून के राज पर. उसका जवाब बुलडोजर दे रहा है.

(रिपोर्ट- आजतक ब्यूरो)

 

  • क्या हिंसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों के घरों पर बुलडोजर का एक्शन सही है?

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें