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यूपी में विकास की नींव 5 साल में पड़ी, अगले 5 साल फिर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे: अमित शाह

योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर 25 मार्च को शपथ लेंगे. लखनऊ के इकाना स्टेडियम में शाम 4 बजे योगी आदित्यनाथ दूसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे. इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ लेंगे यूपी के सीएम पद की शपथ
  • अमित शाह बोले- अपराधीकरण से मुक्त हुआ यूपी

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कहा कि योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है. उन्होंने कहा कि हमने आज एक बार फिर से उन्हें दल का नेता जरूर चुना है लेकिन प्रधानमंत्री जी ने चुनाव की प्रक्रिया की शुरुआत में ही कह दिया था कि हम उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बार फिर से सुशासन की सरकार बनाने जा रहे हैं. 

अमित शाह ने कहा कि 2014 से लेकर अब तक प्रदेश की जनता ने प्रत्येक चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी पर अपना विश्वास जताया है. राजनीति के पंडितों को राजनीतिक मीमांसा करते समय इस पर गहन विचार करना होगा कि आखिर जनता ने बार-बार अपना विश्वास भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व पर कैसे जताया है. 

शाह ने कहा कि यह जो बदलाव आया है यह देश की जनता के प्रति हमारी समर्पित कार्यशैली के चलते संभव हुआ है. उत्तर प्रदेश के विकास की जो नींव डालने का काम पांच साल में हुआ है, उसको अगली पांच साल आम जनता की आकांक्षा को पूरा करने के लिए और आगे ले जाना है. हम सब विजय के आनंद के साथ आज यह संकल्प लेकर जाएं कि सुरक्षा और सुशासन का जो भाव जनता ने पसंद किया है वह और अच्छे ढंग से आगे बढ़ाया जाए.

पूर्व की समाजवादी पार्टी की सरकार पर निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री ने अमित शाह ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकार में राजनीति का अपराधीकरण था. उत्तर प्रदेश की जनता इससे मुक्ति चाहती थी. 2017 का समय आया और यहां की जनता को उससे मुक्ति मिली. सपा सरकार में उद्योगपतियों का सम्मेलन दिल्ली में होता था क्योंकि कोई भी उद्योगपति लखनऊ आने के लिए तैयार नहीं होता था.

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शाह ने कहा कि सपा सरकार में माफिया और गुंडे पुलिस के मालिक बन बैठे थे. गरीब की एफआईआर लिखवाने की हिम्मत नहीं होती थी. 2017 के बाद जब सत्ता में बदलाव हुआ, तो आप देख सकते हैं गुंडे और माफियाओं की क्या हालत है.

 

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