उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में शारदीय नवरात्र के दौरान प्रशासन द्वारा मीट शॉप बंद करने का फरमान जारी किए जाने की चर्चा जोरों पर है. वही कहीं छात्रों द्वारा तो कहीं हिंदूवादी संगठनों द्वारा नवरात्र के दौरान मीट शॉप को बंद रखे जाने की मांग भी की जा रही है. एक तरफ जहां नोएडा में नवरात्र के दौरान मीट शॉप बंद हैं और दुकानदारों द्वारा बताया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन के लोगों द्वारा मीट शॉप बंद कराए जाने के लिए मौखिक निर्देश जारी किया गया था.
हालांकि, नोएडा जिला प्रशासन इस बात से इनकार कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ कानपुर में हिंदूवादी संगठनों ने तो अलीगढ़ में छात्रों के एक गुट ने नवरात्र के दौरान मीट शॉप को बंद रखे जाने की मांग की है और जिला प्रशासन को पत्र लिखा है.
नोएडा में नवरात्र के दौरान बंद हैं मीट शॉप?
नवरात्रि के पावन पर्व शुरू हो चुका है, वहीं नोएडा में नवरात्रि की वजह से मीट की दुकाने बंद हैं. दुकानदारों द्वारा बताया जा रहा है स्थानीय पुलिस ने दुकानदारों को दुकाने बंद करने के लिए कहा है. हालांकि जिला प्रशासन और पुलिस के ओर से इस तरह कोई सरकारी फरमान जारी नहीं हुआ है.
नाम न छापने शर्त पर एक मीट दुकानदार ने जानकरी देते हुए बताया कि स्थानीय पुलिस ने मंदिर और पूजा पंडाल के आसपास की मीट की दुकानों को बंद करवाया है. पुलिस ने 9 दिनों तक दुकान न खोलने की हिदायत दी है. दुकानदारों का कहना है कि बिना आदेश के ही स्थानीय पुलिस ने उनके दुकानों को बंद करवा दिया है.
उधर आजतक की टीम ने जब जिलाधिकारी और जॉइंट कमिश्नर से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके तरफ से इस तरह की कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है और न ही कोई पुलिसकर्मी मीट की दुकानों को बंद करवा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि दुकानदार अगर खुद दुकान बंद कर दे तो उसमें पुलिस कुछ नही कर सकती है.
अलीगढ़ में मीट की दुकानें बंद करने की मांग
अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन क्षेत्र अंतर्गत जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट पर एकत्रित हुए कुछ छात्रों ने नवरात्रों के चलते शहर मे खुल रही मीट की दुकानों को बंद कराए जाने का आग्रह ज़िला प्रशासन से किया है. नवरात्री के दौरान दुकानों के खुलने के विरोध में धर्म समाज व श्री वार्ष्णेय कॉलेज के छात्र छात्राएं एकत्रित हो गए और जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को संबोधित एक ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट कुंवर बहादुर सिंह को सौंपा है, जिसमें उन्होंने नवरात्रों के दौरान मीट की दुकानें बंद किए जाने की मांग की है.
मीट की दुकानों को बंद कराए जाने की मांग करने वाले छात्र पुष्कर शर्मा ने कहा कि नवरात्रों के दिन सनातन धर्म में एक पर्व की तरह मनाया जाता है और नवरात्रों में तमाम माता, बहने मंदिर जाती है. इसी दौरान मीट की दुकानों पर मीट लटका रहता है, जिससे पूजा अर्चना में दिक्कतें होती हैं, इसीलिए हमारे द्वारा मांग की गई है की नवरात्रों के दौरान शहर में खुली मीट की दुकानों को 9 दिनों के लिए बंद कराया जाए.
इस मामले में अपर नगर मजिस्ट्रेट कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राओं द्वारा मीट की दुकानें बंद कराई जाने को लेकर एक ज्ञापन मुझे प्राप्त हुआ है जो कि जिलाधिकारी महोदय को संबोधित है जल्द ही ज्ञापन उन्हें प्रेषित कर दिया जाएगा.
कानपुर में बजरंग दल ने मीट शॉप बंद करने की मांग की
नवरात्र और हिंदू त्योहारों पर देश के कई हिस्सों में पहले दिए मांग उठ चुकी है कि मंदिरों के आसपास नवरात्र पर मीट की दुकानें बंद की जाए. इस बार यह मांग कानपुर से उठाई गई है. इसके लिए बजरंग दल के लोगों ने आज बाकायदा कमिश्नर को ज्ञापन देकर मांग की कि हिंदू मंदिरों के पास से नवरात्र के समय जो भी मीट की दुकानें मीट बेच रही हैं, उनको बंद कराया जाए.
बजरंग दल कानपुर के जिला संयोजक कृष्णा तिवारी ने मांग करते हुए कहा कि नवरात्रि के दिनों में शहर में बिकने वाले मांस की बिक्री पर रोक लगाई जाए.क्योंकि इससे पहले पूर्व में ऐसी घटनाएं भी देखने को मिली है, जिसमें कुछ अराजक तत्वों ने मांस के जरिये माहौल को खराब करने की कोशिश की थी.
इस मामले में पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बजरंग दल के लोगों से कहा कि मीट की दुकानों को बंद कराने का अधिकार डीएम के पास होता है, इसलिए वह मांग पत्र जिलाधिकारी को देंगे, इसके बाद उनके निर्देश पर पुलिस कार्यवाही को लेकर सतर्क रहेगी.
( नोएडा से भूपेंद्र चौधरी, अलीगढ़ से अकरम और कानपुर से रंजय सिंह के इनपुट के साथ )