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यूपी विधानमंडल में आज रचेगा इतिहास, पहली बार दोनों सदनों में गूंजेगी महिलाओं की आवाज

19 सितंबर से शुरू हुए यूपी विधानसभा के मॉनसून सत्र में आज का दिन काफी खास होने जा रहा है. सदन में केवल महिलाओं के मुद्दों पर ही चर्चा होगी. सिर्फ पक्ष-विपक्ष की महिला विधायक ही अपनी बात रखेंगी. यूपी विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना का कहना है कि उनकी जानकारी के अनुसार यह पहला मौका है, जब कोई विधानसभा इस तरह की पहल कर रही है. 

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यूपी विधानसभा में आज केवल महिलाओं के मुद्दों पर ही होगी बात (फाइल फोटो) यूपी विधानसभा में आज केवल महिलाओं के मुद्दों पर ही होगी बात (फाइल फोटो)

यूपी विधानसमंडल में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है. सदन में कार्यवाही का पूरा दिन महिलाओं के नाम होगा. पूरे दिन केवल महिलाओं से सम्बंधित मुद्दों जैसे- स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक स्थिति और लैंगिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर विषय पर बात होगी और महिला जनप्रतिनिधियों की ही आवाज सदन में सुनाई पड़ेगी, सदन में उन पर चर्चा होगी. संभवत: यह पहली बार है जब देश की किसी विधानसभा में इस तरह की पहल की जा रही है. प्रदेश के मुखिया और नेता सदन योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव उनको सुनेंगे.

3 से 8 मिनट तक बोलने का मिलेगा मौका

19 सितंबर से शुरू हुए मॉनसून सत्र की शुरुआत में ही सभी दलों की महिला विधायकों से इस दिन को लेकर चर्चा की गई थी, ताकि सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष भी इसमें शामिल हो सके. हर महिला विधायक को कम से कम 3 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 8 मिनट का समय बोलने के लिए दिया जाएगा. उसमें महिला विधायकों को अपने तय मुद्दे पर बात रखनी होगी. 

यूपी विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना कहते हैं-‘मेरी जानकारी के अनुसार ये पहला मौका है, जब कोई विधानसभा इस तरह की पहल कर रही है. 47 महिला विधायक हैं. मैं चाहता हूं कि सब महिलाओं को बोलने का मौका मिले. वे महिलाओं की सामाजिक भागीदारी, राजनीति में भागीदारी, लैंगिक समानता पर बोलें कि उनको क्या समस्याएं आती है, उन्हें कैसे अड्रेस किया जा सकता है, इस पर बोलें और अपना सुझाव दें.’ 

सीएम योगी ने महिला विधायकों को लिखा पत्र 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी महिला विधायकों को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कहा- ‘मिशन शक्ति के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन से देश और दुनिया में यूपी का परसेप्शन बदला है...’ इसके साथ ही मिशन शक्ति अभियान की उपलब्धियों से जुड़ी सामग्री भी महिला विधायकों को भेजी गई है.

जाहिर है कि जहां सत्ता पक्ष की विधायक केंद्रीय और राज्य की योजनाओं से महिलाओं को होने वाले लाभ पर अपनी बात रख सकती हैं, वहीं विपक्ष की महिला विधायकों की नजर महिला सुरक्षा और महिलाओं के खिलाफ अपराध पर होगी. पहली बार इस तरह का मौका होने की वजह से इसकी तैयारी की जा रही है.

विजिटर्स गैलरी में सिर्फ महिलाएं होंगी

शाहाबाद से विधायक और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी कहती हैं- ‘कई महिला विधायक बोलती हैं और अपने क्षेत्र की बात को भी रखती हैं, लेकिन इस पहल से जो पहली बार चुनकर महिला विधायक आई हैं, उनको भी सदन में बोलने का मौका मिलेगा. कई मुद्दों पर सार्थक चर्चा होगी.’

एक खास बात यह है कि महिलाओं को ही इस दिन विजिटर्स गैलेरी में बैठकर सदन की कार्यवाही देखने का मौका मिलेगा. इसके लिए खासतौर कर डॉक्टर, शिक्षिका और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं को आमंत्रित किया गया है. ये महिलाएं यहां बैठकर सदन की इस पहल को देखेंगी.

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