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श्रृंगार गौरी विवाद: DM-कमिश्नर की मौजूदगी में हुआ ज्ञानवापी मस्जिद का हुआ सर्वे

Gyanvapi Masjid Survey: ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे हुआ. कोर्ट की ओर से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर ने मस्जिद के तहखाने में चार कमरों का सर्वे किया. एडवोकेट कमिश्नर ने मस्जिद की पश्चिमी दीवार का भी सर्वे किया.

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ज्ञानवापी मस्जिद के आसपास टाइट सुरक्षा (फाइल फोटो) ज्ञानवापी मस्जिद के आसपास टाइट सुरक्षा (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
  • मस्जिद में पहुंची 36 लोगों की टीम

Gyanvapi Masjid Survey: यूपी की धर्म नगरी वाराणसी के श्रृंगार गौरी मामले में आज ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे हुआ. एडवोकेट कमिश्नर बदलने की मांग कोर्ट से खारिज होने के बाद सर्वे के पहले दिन एडवोकेट कमिश्नर ने मस्जिद के तहखाने में चार कमरों और पश्चिमी दीवार का सर्वे किया. सर्वे के दौरान एडवोकेट के सहायक, वादी और प्रतिवादी के साथ ही दोनों पक्षों के वकील भी मौजूद थे.

सर्वे के बाद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने वीडियो बयान जारी कर कहा है कि सर्वे के दौरान सभी पक्षों के प्रतिनिधि मौजूद थे. वादी और प्रतिवादी के साथ ही राज्य सरकार की ओर से जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर, विश्वनाथ मंदिर न्यास के प्रतिनिधि भी सर्वे के दौरान मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि ये जानकारी नहीं दी जा सकती है कि किन-किन स्थानों का सर्वे हुआ और वहां क्या-क्या मिला.

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जिलाधिकारी ने ये भी कहा कि कोर्ट के निर्देश पर कमीशन की कार्यवाही 15 मई को फिर से सुबह 8 बजे से की जाएगी. इससे पहले सर्वे के लिए मस्जिद परिसर में दाखिल हुए सभी लोगों के मोबाइल फोन पहले ही जमा करा लिए गए थे. ज्ञानवापी मस्जिद में पहुंचते ही एडवोकेट कमिश्नर ने तहखाने का सर्वेक्षण शुरू कर दिया. बताया जाता है कि तहखाने के चार कमरों में से तीन कमरे मुस्लिम पक्ष और एक हिंदू पक्ष के पास है.

जानकारी के मुताबिक सर्वे टीम ने पश्चिमी दीवार का भी सर्वे किया. तहखाने के सर्वे के बाद पहले वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश बाहर आए और अपनी कार में सवार होकर रवाना हो गए. इसके बाद एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा और अन्य वकील, वादी-प्रतिवादी पक्ष के लोग निकले.

हिंदू पक्ष के पास तहखाने का जो कमरा है, उसमें दरवाजा नहीं है. हिंदू पक्ष के पास जो कमरा है, उसे खोलने के लिए चाबी की जरूरत ही नहीं पड़ी. प्रशासन की बैठक में तहखाने में सांप होने की आशंका जताते हुए सपेरों को बुलाने की मांग की गई थी. प्रशासन ने तब कहा था कि वहां सीआरपीएफ का कैंप पहले से ही है, ऐसे में इसकी कोई जरूरत नहीं है.

वादी और वकील भी रहे मौजूद

इससे पहले, सुबह करीब 7.35 बजे कोर्ट की ओर से नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर चौक थाने से निकले. एडवोकेट कमिश्नर के साथ विशेष कमिश्नर और सहायक कमिश्नर भी थे. कड़ी सुरक्षा के बीच एडवोकेट कमिश्नर और अन्य लोग सर्वे के लिए ज्ञानवापी मस्जिद पहुंचे. इस मामले में वादी पक्ष की अगुवाई कर रहे विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन भी अपने वकील शिवम गौड़ के साथ चौक थाने से होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार पर पहुंचे. इस मामले में वादी चारों महिलाएं भी अपने वकील के साथ पहुंचीं.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मुस्लिम पक्ष के वकील भी ज्ञानवापी मस्जिद पहुंचे. मस्जिद के सर्वे के दौरान किसी तरह की कोई बाधा न आए, इसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. बुलानाला की ओर से विश्वनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते पर किसी को पैदल भी जाने की इजाजत नहीं दी जा रही थी. पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. पूरे इलाके को सील कर दिया गया था.

500 मीटर के दायरे में दुकानें बंद

ज्ञानवापी मस्जिद के आसपास सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. 500 मीटर के दायरे में सभी दुकानें बंद करा दी गई थीं. डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम ने दावा किया कि दर्शनार्थियों को किसी तरह की कोई असुविधा न हो, इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है.

15 मई को भी होगा सर्वे

सर्वे का कार्य 15 मई को भी जारी रहेगा. 15 मई को ज्ञानवापी मस्जिद के भीतर और ऊपर के कुछ कमरों के साथ ही पश्चिमी दीवार और अन्य दीवारों का भी सर्वे होगा. सर्वे का कार्य कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से हुआ. क्या तहखाना फिर से खोला जाएगा या नहीं, कहा जा रहा है कि इसे लेकर फैसला कोर्ट कमीशन लेगा. 

मीडिया को भी रोका गया

विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार से पहले ही कई जगह मीडिया को भी रोक दिया गया. मीडियाकर्मियों को भी आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई. गौरतलब है कि सर्वे, वीडियोग्राफी की कार्यवाही जारी रखने का आदेश देते समय सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर ने प्रशासन को भी आदेश तामील कराने के निर्देश दिए थे.

मुस्लिम पक्ष के साथ प्रशासन ने की थी बैठक

कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारी एक्टिव मोड में आ गए और मुस्लिम पक्ष के साथ बैठक की. वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों और मुस्लिम पक्ष के लोगों के बीच बैठक में सर्वे को लेकर सहमति बनी थी. मुस्लिम पक्ष के साथ बैठक के बाद जिलाधिकारी ने सर्वे की तारीख और समय का ऐलान किया था. डीएम ने सुबह 8 बजे से 12 बजे तक का समय सर्वे के लिए निर्धारित किया था. सर्वे के आदेश को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट ने मसाजिद कमेटी की याचिका पर फौरी राहत देने से इनकार कर दिया था.

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