अरुणा शानबाग का 'वीभत्स और अप्राकृतिक रेप करने वाले सोहनलाल वाल्मिकी को काम से निकाल दिया गया है. वह नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन के परपा गांव के पास मौजूद फैकट्री में दिहाड़ी मजदूरी करता था.
सेंट्रल इंडस्ट्रीयल सिक्यूरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) की ओर से जारी आदेश के बाद सोहनलाल की एंट्री पास जब्त कर ली गई है.
गौरतलब है कि जेल में सात साल की सजा काटने के बाद 1980 में सोहनलाल गाजियाबाद के पास मौजूद परपा गांव में जा बसा था. सोहनलाल मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल की नर्स अरुणा शानबाग के रेप का दोषी है. 42 साल तक कोमा में रहने के बाद 18 मई को अरुणा शानबाग का निधन हो गया.
शानबाग की मौत के बाद एक मराठी अखबार ने उनके अपराधी की तलाश शुरू की और सोहनलाल का पता ढूंढ़ निकाला. खुलासे के बाद से सोहनलाल और उसके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अब परपा के लोग सोहनलाल को गांव से निकालने की तैयारी में हैं. जल्द ही इस मुद्दे पर पंचायत भी बैठने वाली है.