अरुणा शानबाग का 'अप्राकृतिक' रेप करने वाला सोहनलाल वाल्मिकी अपने गांव से निकाला जा सकता है. जेल से छूटने के बाद वह उत्तर प्रदेश में हापुड़ जिले के परपा गांव में जा बसा था. जब से गांववालों को उसकी 'असलियत' का पता चला है, उसे गांव से बाहर करने की मांग तेज हो गई है. अब इस पर पंचायत बैठाने की तैयारी है.
हालांकि सोहनलाल और उसके परिवार का कहना है कि 1973 की उस रेप की वारदात में मुंबई पुलिस ने उसे फंसाया था. उसका कहना है कि जो गुनाह उसने नहीं किया, उसकी सजा 14 सालों तक जेल में रहकर उसने काटी है.
सरपंच जोगिंदर सिंह ने कहा, 'मैं सोहनलाल को कई सालों से जानता हूं. लेकिन वो दूसरी जाति का है, इसलिए उससे कभी बातचीत नहीं हुई. उन्होंने कहा, 'मीडिया से हमें उसके गुनाहों का पता चला. हमारे गांव में शांति का माहौल कायम है. लेकिन बस उसकी वजह से ये गलत कारणों से सुर्खियों में आ गया.' जोगिंदर सिंह ने कहा कि गांववाले लगातार सोहनलाल और उसे परिवार को गांव से निकालने का दबाव बना रहे हैं.
गौरतलब है कि सोहनलाल मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल की नर्स अरुणा शानबाग के रेप का दोषी है. 42 साल तक कोमा में रहने के बाद 18 मई को उनका निधन हो गया.