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UP: गौशाला में आखिर कैसे हुई 14 गायों की मौत? एक्शन में प्रशासन

मऊ जिले के वृहद गौशाला में 14 गायों की मौत पर सवाल उठने लगे हैं. इस गौशाला में 283 गौवंश थे. गौशाला चलाने वाले एनजीओ के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच कमेटी बनाई गई है.

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वृहद गौशाला में 14 गायों की मौत वृहद गौशाला में 14 गायों की मौत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मऊ स्थित वृहत गौशाला में 283 गोवंश थे
  • एक करोड़ की लागत से बनाया गया गौशाला

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में स्थित वृहद गौशाला में 14 गायों की मौत से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि गायों की मौत बीमारी की वजह से हुई. हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. सूचना मिलते ही मऊ के सीडीओ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की. फिलहाल मृत गायों को दफना दिया गया है. गौशाला चलाने वाले एनजीओ के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच कमेटी बनाई गई है.

शुरुआत में इस गौशाला में 283 गौवंश थे. वृहद गौशाला को एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था. बिजली के लिए इसमें सौर ऊर्जा से रोशनी का प्रबंध किया गया. गौशाला को संचालन और देखभाल करने के लिए एनजीओ सुदेश्वरी देवी मेमोरियल सोसायटी को जिला प्रशासन ने जिम्मेदारी सौंपी थी. अब जिला प्रशासन ने एनजीओ की मालकिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि एनजीओ की ओर पशुओं के खाने के लिए समुचित भूसे और चारे नहीं दिए गए.

मऊ के सीडीओ राम सिंह वर्मा ने बताया कि परदहां विकास खंड के अंतर्गत एक वृहद गौशाला है, जिसमें 283 गोवंश को रखा गया था. इसे संचालित करने के लिए अनुबंध के तहत एनजीओ को दिया गया. सूचना मिली कि 14 गायों की मौत हो गई है, जिसे गड्ढा खोदकर दफनाया गया. इस मामले में एनजीओ संचालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है. एक जांच टीम गठित की गई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

 

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