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वाराणसी : 801 किलो का केक काटकर मनाया कालभैरव का जन्मदिन, इस खास तरह से बनाई थी थीम

भैरव अष्टमी के मौके पर काशी के काल भैरव मंदिर में 801 किलो का केक काटा गया. कई थीमों पर तैयार कराए गए केक बाबा को चढ़ाए गए. आधा किलो के केक चढ़ाने से शुरू हुआ सिलसिला 801 किलो तक पहुंच गया है. पिछले साल 701 किलो का केक चढ़ाकर काटा गया था.

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भैरव अष्टमी पर काटा गया 801 किला का केक.
भैरव अष्टमी पर काटा गया 801 किला का केक.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भैरव अष्टमी के मौके पर काल भैरव मंदिर में 801 किलो का केक काटा गया. आजादी का अमृत महोत्सव, बाबा मिल गए और प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाने वाली शराब की बोलत की थीम पर केक बनवाए गए थे.

पिछले साल भैरव अष्टमी के मौके पर 701 किलो का केक काटा गया था. इसके लिए कोविड वैक्सीन की थीम पर केक तैयार कराया गया था. माना जाता है कि भैरव अष्टमी यानी दिन शिव के रौद्र रूप बाबा काल भैरव की उत्पत्ति हुई थी.

काशी स्थित काल भैरव मंदिर.
काशी स्थित काल भैरव मंदिर.

फल और मेवों से तैयार कराए गए थे केक

भैरव अष्टमी पर कई सारे केक तैयार किए गए थे. शुद्धता को ध्यान में रखते हुए सभी केक तैयार किए गए थे. किसी भी तरह ऐसा कोई पदार्थ इन केक में नहीं था, जो धर्म के खिलाफ हो. केक बनाने के लिए मेवे और फलों का प्रयोग किया गया था. 

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बजाए गए बड़े-बड़े डमरू, काल भैरव का विशेष पूजन

कार्यक्रम को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. बड़े-बड़े डमरू लेकर सड़कों पर उतरे लोगों ने काल भैरव के नारे लगाए और जमकर डांस भी किया. भैरव अष्टमी के मौके पर दिन भर काल भैरव का विशेष पूजन और अनुष्ठान चलता रहा. दिन भर भक्तों की भीड़ मंदिर में मौजूद रही. श्रृद्धालुगण भी प्रसाद में केक लेकर काल भैरव मंदिर पहुंचे थे.

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हर साल बढ़ाया जा रहा केक का वजन

साल 2021 में कोविड वैक्सीन के 100 करोड़ का लक्ष्य पूरा होने पर 'थैंक्स टू पीएम मोदी' थीम का 701 किलो का केक काटा गया था. इस बार 801 किलो का केक काटा गया है. जो 'आजादी के अमृत महोत्सव' को समर्पित था. अगले साल और भी ज्यादा वजनी केक तैयार कराया जाएगा.

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आधा किलो वाले केक चढ़ाने से शुरू हुई थी परंपरा : प्रिंस गुप्ता

केक निर्माता और बाबा कालभैरव के भक्त प्रिंस गुप्ता बताते हैं कि भैरव अष्टमी पर 17 साल पहले बाबा पर आधा किलो वाले केक चढ़ाने की परंपरा शुरू की गई थी. यह आज 801 किलो तक पहुंच चुकी है.

केक को विशेष तौर पर ड्राई फ्रूट और फलों से तैयार किया जाता है. भक्त केक, टाॅफी, बिस्किट और पाॅपकाॅर्न प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के लिए मंदिर आते है.

बाबा का होता है अलंकार दर्शन : पुजारी सुनील दुबे
 
काल भैरव मंदिर के पुजारी सुनील दुबे ने बताया, ''भैरव अष्टमी के दिन ही बाबा काल भैरव का अलंकार दर्शन होता है. यह रात्रि 12 बजे से 2 बजे तक दो घंटे चलता है. इसके दर्शन मात्र से सारी दुख बाधाएं खत्म हो जाती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सवा लाख बाती से बाबा की भव्य आरती भी की जाती है."

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