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घनाराम कंस्ट्रक्शन के मालिक कौन, क्या है सपा से कनेक्शन... पूरी कहानी

इनकम टैक्स ने श्याम सुंदर यादव और बिशन सिंह यादव के घर से लेकर झांसी के कई दफ्तरों पर छापेमारी की. यूपी की मशहूर घनाराम कंस्ट्रक्शन कंपनी में वे दोनों डायरेक्टर हैं.

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घनाराम कंस्ट्रक्शन का झांसी स्थित दफ्तर
घनाराम कंस्ट्रक्शन का झांसी स्थित दफ्तर

उत्तर प्रदेश की बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी घनाराम कंस्ट्रक्शन के ठिकानों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बुधवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की. नोएडा, झांसी, लखनऊ समेत कई ठिकानों पर इनकम टैक्स की टीम पहुंची और कंपनी के दस्तावेज खंगाले गए. छापेमारी का मुख्य केंद्र घनाराम कंस्ट्रक्शन का झांसी स्थित वह ठिकाना था, जहां से कंपनी संचालित हो रही थी.

ऐसे में आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि घनाराम कंस्ट्रक्शन के ठिकानों पर क्यों छापे मारे गए? इस कंपनी का क्या इतिहास है और कैसे 25 साल के सफर में एक ठेकेदार की यह कंपनी उत्तर प्रदेश की इतनी बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी बन गई? इस कंपनी का समाजवादी पार्टी और उसके पूर्व विधायक से क्या कनेक्शन है, आइए सबकुछ बताते हैं.

सपा से जुड़े हैं कंपनी के डायरेक्टर
बुंदेलखंड में अरबों के कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट करने वाली घनाराम कंस्ट्रक्शन कंपनी बुंदेलखंड की सबसे बड़ी और उत्तर प्रदेश की बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों में शुमार है. घनाराम कंस्ट्रक्शन समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर यादव की है. इसमें श्याम सुंदर यादव और उनके भाई बिशन सिंह यादव डायरेक्टर हैं. तीन दशक पहले झांसी जिला परिषद और रेलवे की ठेकेदारी करने वाले श्याम सुंदर यादव ने अपने दिवंगत पिता घनाराम यादव के नाम पर इस कंपनी की नींव रखी थी.

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समाजवादी पार्टी की सरकार में बुंदेलखंड के सबसे बड़ी एरच बांध परियोजना को घनाराम कंस्ट्रक्शन ने पूरा किया गया था. तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार में सीएम अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के करीबियों में श्याम सुंदर यादव गिने जाते थे. ऐसे में एरच बांध प्रोजेक्ट का ठेका मिला तो श्याम सुंदर पर करोड़ों के घपले के आरोप भी लगे. इसके बाद बुंदेलखंड का देवरी बांध प्रोजेक्ट भी इस कंपनी को मिला. 

मुलायम-शिवपाल के रहे हैं करीबी
झांसी के प्रतिष्ठित सीता होटल के पास स्थित रेलवे की बेशकीमती जमीन को लीज पर लेकर घनाराम कंस्ट्रक्शन के मालिक और सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण यादव बुंदेलखंड का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल बना रहे हैं. बताया जा रहा है कि झांसी मेडिकल कॉलेज के पीछे बन रही सालासर सिटी भी श्याम सुंदर यादव और दीप नारायण के पार्टनरशिप का प्रोजेक्ट है. सिमर्धा में 80 एकड़ जमीन इनके पास है. इतना ही नहीं, झांसी और आसपास चार पेट्रोल पंप और झांसी का लेमन ट्री होटल भी इसी कंपनी का प्रोजेक्ट है, जहां पर इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी की.

श्याम सुंदर यादव समाजवादी पार्टी में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल खेमे के नेता गिने जाते रहे हैं. कहा जाता है कि समाजवादी पार्टी की सरकार में उनकी खूब तरक्की हुई. बुंदेलखंड में आज भी बालू के सबसे बड़े कारोबारी के तौर पर घनाराम कंस्ट्रक्शन का ही नाम आता है. साल 2017 में बीजेपी की सरकार आई तो श्याम सुंदर यादव भी भाजपाई हो गए, लेकिन उन्हें कोई खास फायदा नहीं हुआ. ऐसे में वह फिर से समाजवादी पार्टी में लौट गए. 2019 का लोकसभा और 2022 में एमएलसी चुनाव समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर लड़ा, लेकिन दोनों ही चुनाव हार गए.

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हाल ही में दीप नारायण यादव पर भ्रष्टाचार अधिनियम में केस दर्ज किया है. पहले दीप नारायण यादव पर एफआईआर और अब श्याम सुंदर यादव पर इनकम टैक्स की छापेमारी से बुंदेलखंड में समाजवादी पार्टी के खेमे में खलबली मची है, जो सरकारी प्रोजेक्ट में घनाराम कंस्ट्रक्शन के पार्टनर रहे. बुधवार सुबह छह बजे से झांसी में शुरू हुई छापेमारी देर शाम तक जारी रही. अभी इनकम टैक्स विभाग ने घनाराम कंस्ट्रक्शन के ठिकानों से बरामदगी को लेकर अधिकारिक बयान नहीं दिया है.

 

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