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टिकैत की ट्रिक से किसान आंदोलन को संजीवनी, गाजीपुर बॉर्डर पर फिर डटे किसान

प्रदर्शन कर रहे किसानों की वापसी और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच टिकैट के आंसुओं ने फिजा बदल दी. राकेश के भाई नरेश टिकैत ने पहले ही धरना खत्म होने की बात कही थी लेकिन राकेश टिकैत के भावुक होने के बाद नरेश ने पंचायत बुला ली. टिकैत के भावुक होने का असर उनके गांव तक दिखा.

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किसान नेता राकेश टिकैत. (फाइल फोटो)
किसान नेता राकेश टिकैत. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टिकैत के भावुक होने के बाद आंदोलन को फिर से मिली रफ्तार
  • पश्चिमी यूपी से भारी संख्या में गाजीपुर पहुंच रहे किसान
  • नरेश टिकैत ने बुलाई महापंचायत

कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन हिंसा की घटनाओं के बाद कमजोर पड़ता नजर आ रहा था. किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. कई किसान संगठनों ने इस आंदोलन से खुद को अलग कर लिया है तो कई जगहों से किसान वापस जा चुके हैं. आंदोलन कमजोर पड़ने की खबरों के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने कुछ ऐसा किया कि किसान वापस प्रदर्शनस्थल पर डटते नजर आए.

किसान नेता राकेश टिकैत के आंसू आंदोलन के लिए संजीवनी बन गए हैं. जहां एक तरफ कयास लगाए जा रहे थे कि किसान अब वापस अपने राज्यों की ओर लौट रहे हैं पर गाजीपुर बॉर्डर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं. राकेश टिकैत मीडिया से बात करते समय भावुक हो गए और उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गलत कार्रवाई का आरोप लगाया. मीडिया से बातचीत के दौरान टिकैत ने धमकी दी कि अगर  नए कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो वह आत्महत्या कर लेंगे. टिकैत ने यह भी एलान किया कि जबतक उनके गांव से लोग पानी लेकर नहीं आते हैं तबतक वो पानी भी नहीं पिएंगे. टिकैत के इस बयान के बाद धीमे पड़ते किसान आंदोलन को एक बार फिर रफ्तार मिलती नजर आई.

टिकैत के आंसुओं से बदल गई फिजा

प्रदर्शन कर रहे किसानों की वापसी और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच टिकैट के आंसुओं ने फिजा बदल दी. राकेश के भाई नरेश टिकैत ने पहले धरना खत्म होने की बात कही थी लेकिन राकेश टिकैत के भावुक होने के बाद नरेश ने पंचायत बुला ली. टिकैत के भावुक होने का असर उनके गांव तक दिखा. समर्थक बड़ी संख्या में सिसौली गांव स्थित उनके घर पहुंच गए. टिकैत के समर्थकों ने यहां नारेबाजी भी की. किसान नेता नरेश टिकैत ने पंचायत को संबोधित भी किया. पंचायत के बाद नरेश टिकैत ने ऐलान किया है कि शुक्रवार (29 जनवरी,2020) को सुबह 11 बजे मुज़फ्फरनगर सिटी के राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाई जाएगी. इस पंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी.

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गाजीपुर बॉर्डर की तरफ बढ़ रहे किसान

बताया जा रहा है कि टिकैत के बयान के बाद देर रात से गाजीपुर बॉर्डर पर एक बार फिर किसान का जमावड़ा शुरू हो गया है. मेरठ ,बड़ौत, बागपत, मुरादनगर से किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं. किसान नेताओं का कहना है कि इस आंदोलन को आगे ले जाने के लिए हजारों किसान एक बार फिर गाजीपुर पहुंचेंगे. किसान नेता राकेश टिकैत का कहना था कि भले ही प्रशासन ने बिजली-पानी काट दिया हो लेकिन अब हम यहां पर समर्सिबल लगाएंगे. आंदोलन लंबा चलेगा. जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं ले लेती तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी.

टिकैत को मिला नेताओं के समर्थन

टिकैत की इमोशनल ट्रिक का असर कुछ ऐसा हुआ कि तारीफ करते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने उनके समर्थन में ट्वीट किया. उधर, आरएलडी नेता जयंत चौधरी भी टिकैत से मुलाकात करने वाले हैं. आप नेता संजय सिंह ने भी टिकैत का समर्थन किया और राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाने की बात कही.  

देखें- आजतक LIVE TV

 

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