गाजीपुर बॉर्डर पर बड़ी तादाद में किसान फिर जुट रहे हैं. हरियाणा और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग हिस्सों से रात में ही किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर की तरफ कूच कर दिया है. वहीं, यूपी गेट पर पुलिस और किसानों के बीच रस्साकशी का दौर घंटों चला. हालांकि रात करीब एक बजे पुलिसबल को बैरंग वापस लौटना पड़ा. फिलहाल बॉर्डर से सभी पीएसी जवानों को क्यों हटाया गया है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है.
26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा के बाद से गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों में तनाव की स्थिती बनी हुई थी. प्रशासन ने किसानों को जगह खाली करने के निर्देश दिए थे, लेकिन गुरुवार शाम किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा आत्महत्या की धमकी दिए जाने के बाद पूरा माहौल बदल गया. वरना इससे पहले बॉर्डर होने के कारण दिल्ली पुलिस और गाजियाबाद पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए भारी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था.
Uttar Pradesh police and Provincial Armed Constabulary (PAC) deployed at Ghazipur border since yesterday evening, leaves the protest site in police and PAC vehicles.
— ANI UP (@ANINewsUP)
आज होगी महापंचायत
इधर, राकेश टिकैत के बड़े भाई नरेश टिकैत ने ट्वीट करके कहा है कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बेटे और मेरे छोटे भाई राकेश टिकैत के ये आंसू व्यर्थ नहीं जाएंगे. सुबह महापंचायत होगी और अब हम इस आंदोलन को निर्णायक स्थिति तक पहुंचा कर ही दम लेंगे. वहीं, आरएलडी नेता जयंत चौधरी आज सुबह 7 बजे राकेश टिकैत से मिलने गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं. टिकैत के समर्थन में राहुल गांधी, अजित सिंह और प्रियंका गांधी सरीखे बड़े नेताओं ने ट्वीट किए थे.
फूंक-फूंककर कदम बढ़ाना चाहेगी सरकार
बताया जा रहा है कि आज पूरे दिन के माहौल को देखा जाएगा, उसके बाद ही योगी सरकार कोई कदम आगे बढ़ाएगी. इसके पीछे की एक बड़ी वजह ये है कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टिकैत बंधुओं का प्रभाव है. RLD के मुखिया अजित सिंह ने भी राकेश टिकैत से बातचीत की है. वहीं, अगले साल यूपी में विधानसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे में योगी सरकार फूंक-फूंककर कदम बढ़ाना चाहेगी.