देश में धर्म के आधार पर जनगणना के आंकड़े सामने आने के साथ ही इस ओर राजनीति तेज हो गई है. गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने आंकड़ों के बाबत केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से मुसलमानों की आबादी पर रोक लगाने की अपील की है. यही नहीं, सांसद ने मुसलमानों की बढ़ती आबादी को देश के लिए चिंता का विषय भी बता दिया है.
ने अपने एक बयान में कहा, 'जिस तरह से मुसलमानों की आबादी बढ़ रही है वह चिंता का विषय है. इस पर केंद्र सरकार को कदम उठाते हुए मुसलमानों की आबादी को कम करने करने की कोशिश करनी चाहिए.'
गौरतलब है कि जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में की तादाद सबसे तेजी से बढ़ रही है, जबकि हिंदुओं की जनसंख्या की वृद्धि दर दूसरे नंबर पर है. साल 2001 से 2011 के दशक पर आधारित इस जनगणना के अनुसार, इस दशक में देश की कुल आबादी 17.7 फीसदी के रफ्तार से बढ़ी है. जबकि मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या इस दौरान सबसे तेजी से 24.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है. इसके ठीक बाद हिंदुओं की जनसंख्या की वृद्धि दर है, जो 16.8 फीसदी है. ईसाई समुदाय की जनसंख्या भी एक निर्धारित एक दशक में 15.5 फीसदी की दर से बढ़ रही है.
किसकी कितनी आबादी
साल 2011 तक के के मुताबिक, देश की कुल आबादी 121.09 करोड़ है. इनमें हिंदुओं की जनसंख्या सबसे अधिक 96.63 करोड़ (79.8 फीसदी) है. मुसलमानों की आबादी 17.22 करोड़ (14.2 फीसदी), ईसाइयों की जनसंख्या 2.78 करोड़ (2.3 फीसदी) और सिख समुदाय के लोगों की संख्या 2.08 करोड़ (1.7 फीसदी) है. इसके अलावा बौद्ध धर्म के लोगों की कुल जनसंख्या 0.84 करोड़ है, जो देश की कुल आबादी का 0.7 फीसदी है. जैन धर्म के लोगों की जनसंख्या 0.45 करोड़ है और यह कुल आबादी का 0.4 फीसदी है.