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'यूपी के लोगों को पहली बार लगा कि....', योगी ने ऐसे गिनाईं अपने कार्यकाल की उपलब्धियां

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता और पार्टी ने मुझपर 2017 में विश्वास किया, मैं विधायक नहीं था, मेरे पास प्रशासनिक अनुभव नहीं था. लेकिन एक अभिभावक के रूप में पीएम मोदी ने, अमित शाह ने शासन और सुशासन के बारे में बताया. यूपी जैसे राज्य में व्यापक निवेश हुए. यूपी में रिफॉर्म की बात हो सकती है, यूपी में राज्य में सुशासन की बात हो सकती है.

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विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद संबोधित करते योगी आदित्यनाथ. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद संबोधित करते योगी आदित्यनाथ.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तर प्रदेश के लोगों की यह धारणा थी 'मोदी है तो मुमकिन है'
  • हमें राज्य की बेहतरी के लिए फिर से मिलकर काम करना होगा: योगी

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं पीएम मोदी, केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित शाह, रघुवर दास और पूरी पार्टी का धन्यवाद करता हूं. 5 साल तक यूपी जैसे राज्य में हम सबको सेवा का अवसर देने के बाद इस नई सरकार के गठन के लिए विधायक दल का नेता मुझे चुना गया है. मैं अभारी हूं आप सबका. सुरेश खन्ना के प्रस्ताव पर सूर्य प्रताप शाही, बेबी रानी मौर्य, रामनरेश अग्निहोत्री, सुशील शाक्य, नंदगोपाल नंदी ने इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया और आप सभी ने इस प्रस्ताव का समर्थन दिया है. मैं आभार व्यक्त करता हूं.

यूपी के इतिहास में ये पहली बार हुआ है, जब कोई सीएम पांच साल तक काम के बाद पार्टी द्वारा सत्ता में आ जाए. पहले आम चुनाव से लेकर अब तक ये पहली बार हुआ है. ये पीएम मोदी के मार्गदर्शन से संभव हुआ है. अमित शाह जब यूपी के प्रभारी थे, तब उन्होंने संगठन की मजबूती से नींव रखी. 2014 में केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जो भी कार्यक्रम प्रारंभ हुए, 2017 में विधानसभा चुनाव से पहले उन योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया गया. यूपी की 25 करोड़ जनता की सेवा के लिए सुरक्षा का बेहतर माहौल, गरीब कल्याणकारी योजनाओं को प्रतिबद्धता के साथ पहुंचाया गया है, उसका परिणाम जनता ने हमें दिया है. 

यूपी देश में मॉडल के रूप में प्रस्तुत हुआ, इसके लिए अभिभावक के रूप में केंद्रीय नेतृत्व का सहयोग मिलता रहा. हमें कोई भी जानकारी नहीं थी, एक सांसद के रूम में मैं अपनी बात को संसद में रखता था लेकिन शासकीय कार्य कैसे होना है, इसकी जानकारी नहीं था. सांसद के रूप में एक संसदीय क्षेत्र में सीमित रहते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी बड़ी होती है.

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पहली बार लोगों को लगा कि गरीबों के लिए घर बन सकते हैं: योगी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में पीएम मोदी के समर्थन से यूपी में कई विकास परियोजनाएं सफलतापूर्वक जनता तक पहुंचाई गई. पहली बार लोगों को लगा कि गरीबों के लिए घर बन सकते हैं, पहली बार लोगों को एहसास हुआ कि यूपी दंगा मुक्त हो सकता है. उत्तर प्रदेश के लोगों की यह धारणा थी 'मोदी है तो मुमकिन है'. हमें राज्य की बेहतरी के लिए फिर से मिलकर काम करना होगा. यूपी देश में सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, आने वाले सालों में मुझे बहुत काम करना है.

भाजपा ऐसी पहली पार्टी जिसने लगातार दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई: अमित शाह

वहीं, विधायको को संबोधित करते हुए पर्यवेक्षक के तौर पर बैठक में मौजूद अमित शाह ने कहा कि 35 सालों से कभी भी एक पार्टी को दूसरी बार पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. भाजपा ऐसी पहली पार्टी है जिसने दोनों बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई. इससे पहले कोई भी मुख्यमंत्री अपने कार्यों के आधार पर दूसरी बार लगातार मुख्यमंत्री बन सका. योगी ऐसा करने वाले पहले नेता हैं. हम सभी ने मिलकर विधायक दल का नेता चुना है.

अमित शाह ने कहा कि चुनाव की शुरुआत में योगी जी के नाम का ऐलान मैंने किया था कि हम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे. यूपी एक प्रकार से कई सालों से अस्थितरता का केंद्र रहा. आजादी के शुरुआती समय के बाद यहां धीरे-धीरे मूल्यों का क्षरण और राजनाीतिक विचारधाराओं का क्षरण हुआ. एक राजनीति अस्थिरता का माहौल यूपी में चला. 2014 के आम चुनाव में जब भाजपा ने तय किया कि पीएम पद के लिए गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे. इसके बाद से पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई. मैं यूपी का प्रभारी था. यूपी के कार्यकर्ताओं में भी मोदी के नाम के बाद खुशी की लहर दौड़ गई.

पहले की सरकारों ने योजनाओं को भ्रष्टाचार और जातिवाद के चलते जमीन पर नहीं उतारा: शाह

मोदी के नेतृत्व में चुनाव अभियान चला, भाजपा को यूपी की जनता ने 73 सीटों के साथ जीताया. पहली बार भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में विश्वास हुआ कि 2014 के चुनाव में 73 सीटें जीत सकते हैं तो 2017 में भी करिश्मा कर सकते हैं. उस वक्त सपा ने योजानाओं को जमीन पर उतारने का कोई प्रयास नहीं किया. योजनाओं को भ्रष्टाचार और जातिवाद के चलते नहीं जमीन पर उतारा गया. भाजपा ने 2017 के चुनाव में इसे मुद्दा बनाया और घर-घर जाकर कहा कि भाजपा पर भरोसा कीजिए, मोदी पर भरोसा कीजिए. परिणाम आया कि 2017 में भाजपा को 300 पार का मैंडेट दिया.

विधायकों को संबोधित करते अमित शाह.

पार्टी ने योगी को मुख्यमंत्री बनाया. कई चुनौतियां थी. पूरे प्रशासन का राजनीतिकरण हो चुका था, राजनीति का अपराधीकरण हो चुका था. कानून व्यवस्था ठीक नहीं था. गरीबों की आशाओं को परिवारवाद ने खत्म कर दिया था. भाजपा ने शासन की बागड़ोर संभाली. 2017 से लेकर 2022 तक की यात्रा के बीच 2019 में भी जनता ने भाजपा को प्यार दिया. इस दौरान क्या हुआ कि भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला. सबसे बड़ा काम योगी सरकार ने प्रशासन के राजनीतिकरण को समाप्त कर दिया. राजनीति का अपराधीकरण बंद हो गया. माफिया गुंडे पुलिस प्रशासन का मालिक बनकर बैठे थे. योगी सरकार के आने के बाद गरीबों के मन में आशा जगी कि किसी की हिम्मत नहीं है कि कोई हमारी बात न सुने. ये विश्वास जागने के साथ यूपी में बदलाव की राजनीति शुरू हुई.

शाह ने दिया विधायकों को दिया मंत्र...

मोदी जी ने जो सूत्र दिया था... सबका साथ... सबका विकास... इसे योगी सरकार ने जमीन पर उतारा. हमने किसी की जाति, धर्म नहीं पूछा. जिसे घर मिलना था, जिसके घर में बिजली पहुंचनी थी, जिसके घर में गैस पहुंचना था, ये सभी बिना धर्म और जाति पूछे बिना दिया गया. ये बदलाव यूपी में ऐतिहास बदलाव की शुरूआत करने वाला है. सभी विधायकों को मैं कहता हूं कि हम सब सोचते हैं कि हमारी लोकप्रियता से हम जीतकर आते हैं, पार्टी सबसे ऊपर होती है. पार्टी ही और नीतियां ही लोकप्रियता का सृजन करती है. आगे के 5 साल यूपी के खोए गौरव को वापस दिलाने का है. यहीं से विकास और बदलाव की यात्रा शुरू होती है. यहीं से शुरू होती है गरीब, युवाओं के सपनों को पूरा करने की यात्रा. 

सरकार में जिसे भी जो जिम्मेदारी मिले, उन्हें संकल्प लेना है कि यूपी को पूरे देश में नंबर एक बनाना है. अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के रूप में देश की सुरक्षा करने वाला नेता मिला है. योगीजी ने मोदीजी के हर कार्यक्रम और योजना को जमीन पर उतारा है. 5 साल में कोई सरकार इतना बड़ा परिवर्तन कर सकती है. यूपी में 40 मेडिकल कॉलेज बनाने का काम किया है. ये परिवर्तन जो यूपी में आया है, ये भाजपा की नीतियों को सुचारू रूप से नीचे तक पहुंचाया है. इसके कारण ये परिणाम निकला है. जब से चुनाव अभियान शुरू हुआ और जब चुनाव प्रचार बंद हुआ, इस दौरान मैंने कार्यकर्ताओं की मेहनत और लगनशीलता को देखा है. ये भाजपा की पूंजी है. इसे आगे बढ़ाना है. पहले चरण में कोरोना का डर भी था लेकिन कार्यकर्ताओं ने बिना किसी संकोच के पार्टी के लिए परिश्रम किया है.  

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