बिहार में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ जेडीयू का दामन थामने जा रहे हैं. फातमी ने लोकसभा चुनाव के दौरान लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव पर सवाल खड़े करते हुए बागवत का झंडा उठाकर आरजेडी छोड़ दी थी. फातमी ने खुद ही रविवार को साफ तौर पर कहा कि वह जल्द ही अपने समर्थकों के साथ जेडीयू की सदस्ता ग्रहण करेंगे.
बता दें कि मिथिलांचल के कद्दावर मुस्लिम नेता अली अशरफ फातमी लोकसभा चुनाव में दरभंगा से टिकट चाहते थे. लेकिन पार्टी ने उनकी जगह अब्दुल बारी सिद्दीकी को चुनावी मैदान में उतारा था. इसके बाद उन्होंने पार्टी में विद्रोह करते हुए मधुबनी से बसपा के टिकट पर नामांकन कर दिया था. फिर तेजस्वी यादव ने फातमी को आरजेडी से निष्कासित कर दिया था.
उस समय फातमी ने तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा था कि उनकी जितनी उम्र है उससे अधिक समय से वे राजनीति कर रहे हैं. फातमी ने कहा था कि आरजेडी में उन जैसे नेताओं की कोई पूछ नहीं. फातमी दरभंगा से कई बार सांसद रह चुके हैं और यूपीए सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी.
लोकसभा चुनाव में आरजेडी को मिली करारी हार के बाद अब फातमी ने घर वापसी करने के बजाय नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक पारी खेलने का फैसला किया है. गौरतलब हि कि बिहार में 2020 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे देखते हुए फातमी ने अपना नया राजनीतिक ठिकाना जेडीयू को बनाने का फैसला किया है.