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अयोध्याः राम मंदिर की नींव का काम पूरा, जानें कैसा चल रहा है निर्माण कार्य?

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की नींव का काम पूरा हो चुका है. इसके लिए 48 लेयर्स से नींव तैयार की गई है. राम मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि पहले चरण का काम पूरा हो चुका है. इस साल के आखिर तक दूसरे चरण का काम शुरू होने की उम्मीद है.

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का मॉडल (फोटो-PTI) अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का मॉडल (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राम मंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा
  • दिसंबर 2023 तक खुल जाएगा मंदिर
  • 48 लेयर्स से तैयार हुई मंदिर की नींव

अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) के निर्माण के काम तेजी से चल रहा है. बताया जा रहा है कि इसके पहले चरण का काम पूरा हो चुका है. राम मंदिर की नींव डल चुकी है और अब आगे का काम शुरू किया जाएगा. माना जा रहा है कि दिसंबर 2023 तक अयोध्या का राम मंदिर भक्तों के लिए आंशिक रूप से खोल दिया जाएगा. उस समय तक राम मंदिर का गर्भ गृह तैयार हो जाने की पूरी उम्मीद है. अयोध्या में राम मंदिर की कैसी चल रही है तैयारी? अब तक क्या-क्या हो चुका है? आइए जानते हैं...

48 लेयर्स से तैयार हुई राम मंदिर की नींव

नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू हुआ तो एक बड़ी मुश्किल सामने आ गई. हुआ ये कि पहले मंदिर की नींव पिलर पर खड़ी की जानी थी. ये ठीक वैसी ही होती जैसे समुद्र या नदी में निर्माण कार्य के समय पिलर बोर किए जाते हैं. लेकिन जब टेस्टिंग के दौरान 6 पिलर्स को बोर किया गया और उन पर मंदिर के बराबर का वजन रखा गया तो नीचे से पिलर्स न सिर्फ हिल गए, बल्कि अपनी जगह से खिसक भी गए. इसकी वजह थी जमीन में बालू और भुरभुरी मिट्टी होना.

इसके बाद तय हुआ कि मंदिर के लिए खास नींव तैयार की जाएगी. इसके लिए पहले 40 फीट तक खुदाई की गई. इसके बाद मजबूत पत्थर, सीमेंट और खास तरह के रसायन का इस्तेमाल कर एक मिक्स्चर तैयार किया गया. इससे लेयर बनाई गईं. एक लेयर में 12 इंच तक मिक्स्चर डाला गया जिसे बाद में कम्प्रेस कर 10 इंच तक किया गया. इस तरह 48 लेयर्स से राम मंदिर की नींव तैयार हुई. इसलिए राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इसे इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना बताते हैं.

राम मंदिर की नींव बन चुकी है.

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अब आगे क्या होगा...?

मंदिर की नींव तो तैयार हो गई है. अब इस पर पत्थर के फाउंडेशन का काम शुरू होगा. 1.5 फीट जमीन के नीचे और 13.5 फीट सतह के ऊपर यानी कुल 15 फीट का ये पूरा फाउंडेशन होगा. तीन मंजिल के इस पूरे राम मंदिर के प्रथम तल का निर्माण होते ही पूजा-दर्शन मंदिर में शुरू हो जाएगा. जिस जगह पर गर्भगृह था, वहां एक केसरिया झंडा लगा दिया गया है, ताकि उसे चिन्हित रखा जाए.

कब तक शुरू हो जाएगा मंदिर?

उम्मीद है कि दिसंबर 2023 तक राम मंदिर को भक्तों के लिए आंशिक रूप से खोल दिया जाएगा. श्रद्धालु गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकेंगे. वहीं, इस साल के आखिर तक दूसरे चरण का काम शुरू होने की उम्मीद है जो दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद मंदिर को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा.

अयोध्या तपस्वी छावनी के संत परमहंस ने कहा कि लंबे सफर के बाद राम मंदिर का निर्माण हो रहा है. कितनी पीढ़ियों ने इसके लिए अपने को बलिदान कर दिया था. आज सभी रामभक्तों में खुशी की लहर है. वहीं, समाजसेवी बब्लू खान कहते हैं कि आज उन लोगों की आत्मा को शांति मिलेगी, जिन्होंने राम मंदिर के लिए काम किया. उन्होंने कहा कि मैं भी राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा था और आज हम सबके लिए खुशी का दिन है. वहीं, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने भी खुशी जताई.

 

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