उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 2017 के चुनाव में प्रचंड जनादेश मिला. बीजेपी गठबंधन ने 403 सीटों में से 325 सीटें जीतकर सूबे में 14 साल के सत्ता के वनवास को खत्म किया. मुख्यमंत्री का ताज योगी आदित्यनाथ के सिर सजा. पद संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले उन वायदों को पूरा करने पर जोर दिया जिनके चलते जनता ने उनकी पार्टी पर भरोसा कर अखिलेश यादव और मायावती जैसे क्षत्रपों को नकार दिया. योगी सरकार की पहली ही कैबिनेट बैठक से ये काम शुरू हो गया.
अवैध खनन पर रोक, बनी नई नीति
उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश दोनों की ही सरकारें नदियों से अवैध खनन रोक पाने में विफल रहीं. एनजीटी और उच्च न्यायालय की कड़ी हिदायत के बाद भी रेत माफिया नदियों का सीना मशीनों से चीर रहे थे. बीजेपी ने चुनाव के दौरान इस मुद्दे को जमकर उठाया था और सरकार आने के बाद पहली कैबिनेट में ही अवैध खनन पर अंकुश लगाने के उपाय सुझाने के लिए मंत्रियों का समूह बनाया. इसके बाद अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाते हुई योगी सरकार ने खनन के लिए नई नीति बनाई.
अवैध बूचड़खाने पर कसी नकेल
योगी सरकार के सत्ता में आते ही सबसे पहले सूबे के अवैध बूचड़खानों पर नकेल कसी गई. कैबिनेट की पहली बैठक में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चल रहे अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाई. अब सिर्फ वो ही बूचडख़ाने चल रहे हैं जो वैध हैं और जिनके पास इसके लिए लाइसेंस हैं. सूबे के बड़े 26 अवैध बूचड़खानों को पूरी तरह से सील कर दिया गया. मांस की दुकानों के लिए सरकार ने नई नीति जारी की. पुराने लाइसेंस रिन्यू करने का आदेश दिया गया. बूचड़खानों में मेडिकल फिट भैंस ही काटी जाने की अनुमति दी.
मनचलों के खिलाफ एंटी रोमियो स्क्वॉड
योगी के सत्ता संभालते ही सूबे में बीजेपी ने एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाने के वादे पर अमल किया. बीजेपी ने संकल्प पत्र में महिलाओं के साथ छेड़खानी रोकने के लिए रोमियो दस्ता बनाने की बात कही थी. पुलिस ने मनचलों को पकड़ने के लिए पार्क, भीड़-भाड़ वाली जगह और स्कूल-कॉलेज के बाहर ये अभियान चलाया. एंटी रोमियो दल ने काम करना शुरू किया तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे. शायद यही वजह है कि बाद में इस तरह की स्क्वॉयड की सक्रियता कम दिखी.
किसानों को कर्जमाफी का तोहफा
यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी ने किसानों की कर्ज माफी का वादा किया. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा में प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया. सरकार बनने के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ये वादा निभाया और कैबिनेट की पहली ही बैठक में 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ कर दिया. इससे सूबे के 87 लाख लघु और सीमांत किसानों को फायदा मिला. हालांकि कुछ किसानों के कर्जमाफी के ऐसे भी सर्टिफिकेट दिए गए, जिनमें महज 9 पैसे, 18 पैसे, 20 रुपये जैसी छोटी रकम के कर्ज माफ किए गए. विपक्ष ने इसे किसानों की कर्जमाफी के नाम पर मजाक बताया था.
कानून व्यवस्था पर लगाम के लिए एनकाउंटर
योगी आदित्यनाथ ने सूबे की कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस को एनकाउंटर करने की खुली छूट दी है. सूबे में पिछले 10 महीनों में यूपी पुलिस और अपराधियों के बीच 1200 एनकाउंटर में 40 ख़तरनाक अपराधी मारे गए, वहीं 196 घायल हुए. इसके अलावा करीब 2214 अभियुक्त गिरफ्तार हुए हैं. हालांकि हत्या और डकैती की घटनाओं पर पुलिस अभी तक रोक नहीं लगा पाई है. इसके अलावा सांप्रदायिक दंगे भी पिछली सरकार से ज्यादा बढ़े हैं.
बिजली व्यवस्था में सुधार
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने साल 2018 तक राज्य में 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके अलावा तहसील क्षेत्र में 20 घंटे और ग्रामीण इलाके में 18 घंटे बिजली सप्लाई करने की बात कही गई. अखिलेश सरकार की तरह सूबे में अब किसी जिले विशेष को ज्यादा बिजली देने का दबाव नहीं है. वादे के मुताबिक भले ही बिजली नहीं मिल रही हो, लेकिन पहले से हालात बेहतर हुए हैं.
गन्ना किसानों को भुगतान
सूबे के गन्ना किसानों का भुगतान लंबे समय से नहीं हुआ था. गन्ना किसान भुगतान को लेकर संघर्ष कर रहे थे. बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के दौरान गन्ना किसानों के भुगतान का वादा किया था. सूबे की सत्ता पर योगी आदित्यनाथ ने बैठते ही ऐलान किया था कि उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के बकाये का जल्द ही निपटारा किया जाएगा. सीएम ने गन्ना किसानों को 14 दिन का समय दिया था. बीजेपी का दावा है कि योगी सरकार ने 93 फीसदी गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान करा दिया है. वहीं गन्ना किसानों का कहना है कि अभी तक करीब 60 फीसदी ही भुगतान हुआ है.