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संतों को नहीं दे सकते सुरक्षा तो सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं: राजनाथ सिंह

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुरुवार को प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार संतों को सुरक्षा देकर 84 कोसी की परिक्रमा करवाए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार संतों को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है.

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राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुरुवार को प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार संतों को सुरक्षा देकर 84 कोसी की परिक्रमा करवाए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार संतों को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है.

राजनाथ ने अपने आवास 4, कालिदास मार्ग पर 'हृदय नारायण दीक्षित और उनकी पत्रकारिता' नामक पुस्तक का विमोचन करते समय ये बातें कहीं.

राजनाथ ने कहा कि यदि कुछ संत परिक्रमा करना चाहते हैं, तो इसमें समस्या क्या है? हमारे देश में सभी धर्म और मजहब के लोगों को अपने धर्म के प्रति आस्था प्रकट करने का अधिकार है. सरकार को चाहिए कि वह संतों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए.

उन्होंने कहा कि यदि 200 या 400 की संख्या में संत 84 कोसी परिक्रमा करना चाहते हैं तो सरकार को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए. सरकार के पास सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल होता है. वह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर यात्रा शांतिपूवर्क संपन्न करा सकती है.

राजनाथ ने साफतौर पर कहा कि जो सरकार संतों को सुरक्षा नहीं दे सकती उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार भी नहीं है.

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उन्होंने कहा कि यूपी सरकार द्वारा लिया गया फैसला सबके लिए चुनौती है. सरकार को चाहिए कि वह अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे. हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई किसी भी धर्म से जुड़े लोग यदि अपनी आस्था प्रकट करना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी इजाजत मिलनी चाहिए.

पुस्तक के विमोचन के दौरान राजनाथ ने कहा कि अब लोगों को सांस्कृतिक सुरक्षा की नहीं, बल्कि राजनीतिक सुरक्षा की चिंता ज्यादा सताने लगी है. सरकारों को तो अपनी संस्कृति को सुरक्षा प्रदान करते हुए उसे और प्रोत्साहन देना चाहिए.

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'मनमोहन सरकार हर मामले में विफल साबित हुई है. पाकिस्तानियों द्वारा जब दो सैनिकों के सिर काटे गए थे, उसी समय सरकार को ठोस जवाब देना चाहिए था लेकिन सरकार ने ऐसा करने की हिम्मत नहीं दिखाई. मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के दौरान भी सरकार का नकारात्मक रवैया ही सामने आया था.'

उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 272 से अधिक सीटें हासिल करेगा और सरकार बनने के दौरान सभी घटक दलों को साथ लेकर चलेगा.

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