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अध्यादेश पर राहुल गांधी के सियासी ड्रामे से नाराज कांग्रेस के सहयोगी!

दागी नेताओं को बचाने वाली अध्यादेश पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ऐतराज यूपीए के घटक दलों को नागवार गुजरा है. समाजवादी पार्टी ने सरकार को अध्यादेश वापस न लेने का सुझाव दिया है तो एनसीपी ने यहां तक कह डाला कि यह यूपीए की सरकार है, कांग्रेस की नहीं.

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

दागी नेताओं को बचाने वाले अध्यादेश पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का ऐतराज यूपीए के घटक दलों को नागवार गुजरा है. समाजवादी पार्टी ने सरकार को अध्यादेश वापस न लेने का सुझाव दिया है तो एनसीपी ने यहां तक कह डाला कि यह यूपीए की सरकार है, कांग्रेस की नहीं.

साथियों के इस रुख के बाद कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं. क्योंकि आज सुबह हुए कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राहुल का समर्थन किया और पीएम को अध्यादेश वापस लेने का सुझाव दिया.

सूत्रों के मुताबिक, सोनिया ने मनमोहन सिंह से कहा कि अध्यादेश जनभावना के खिलाफ है और जनभावना का सम्मान किया जाना चाहिए. कोर ग्रुप ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वह शाम 6 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में सहयोगी दलों को विश्वास में लेकर अध्यादेश वापसी की तैयारी करें. लेकिन बैठक से पहले जिस तरह के बयान सामने आ रहें हैं उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि अध्यादेश को लेकर सियासी ड्रामा अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ.

सपा ने कहा, मत वापस लो अध्यादेश
विरोध की पहली आवाज समाजवादी पार्टी की ओर से आई. यूपीए को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने पूरे घटनाक्रम को 'लोकतंत्र के खिलाफ साजिश' करार दिया. पार्टी ने कहा कि अगर यह अध्यादेश वापस लिया जाता है तो पूरे देश में संदेश जाएगा कि एक शख्स सरकार से बड़ा है. इस बयान के जरिए सपा ने इशारों ही इशारों में राहुल गांधी पर निशाना साधा. पार्टी के राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को अध्यादेश वापस नहीं लेना चाहिए.

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पीएम के देश वापस लौटने का इंतजार करते राहुलः एनसी
वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि राहुल गांधी को गलत सुझाव दिया गया और उन्हें अपनी बात कहने के लिए प्रधानमंत्री के देश वापस लौटने का इंतजार करना चाहिए था. फारुक अब्दुल्ला ने कहा, 'मुझे लगता है उन्हें किसी ने गलत सुझाव दिया. जब पीएम देश में नहीं थे, राहुल को उनके वापस लौटने का इंतजार करना चाहिए था ताकि वह अपनी बात सीधे रख पाते और यही सही तरीका होता. उम्मीद करता हूं कि भविष्य में उन्हें बेहतर सुझाव देने वाले मिलें. ताकि वे यूपीए सभी सहयोगियों के साथ सलाह-मशविरा करके आगे बढ़ें.'

अगर राहुल की जगह कोई और होता उसे माफ नहीं करतेः एनसीपी
एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा कि अगर राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के किसी और नेता ने ऐसा किया होता तो शायद पार्टी उसे माफ नहीं करती, शायद राहुल के विरोध के कारण ही स्पेशल कैबिनेट बैठक बुलाई गई है जिसमें सभी मुद्दों पर चर्चा होगी.

एनसीपी के ही एक और नेता डीपी त्रिपाठी ने तो कांग्रेस को गठबंधन धर्म निभाने की सलाह दी. उन्होंने कहा, 'कैबिनेट की बैठक नियमित तौर पर होनी चाहिए. केंद्र में यूपीए की सरकार है, कांग्रेस की नहीं. ऐसे में कांग्रेस को सहयोगी दलों के साथ सहयोग करना चाहिए.'

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