त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने मंगलवार को एक और विवाद को जन्म देते हुए संगीत प्रस्तुति के लिए कोलकाता आए पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली को निशाना बनाकर कहा कि दुनिया में कहीं भी पाकिस्तान के हाथों लोगों ने उतना कष्ट नहीं सहा है जितना कि बंगाली हिन्दुओं ने सहा है.
रॉय ने ट्विटर पर लिखा, ‘ कोलकाता में हैं. दुनिया में कहीं भी पाकिस्तान के हाथों लोगों ने उतना कष्ट नहीं सहा है जितना कि बंगाली हिन्दुओं ने सहा है. हरप्रसाद शास्त्री (प्रसिद्ध बंगाली भाषाविद) ने कहा है, बंगाली भूल गए हैं.’ उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में कहा, ‘12 फरवरी, 1950 को अशुगंज (अब बांग्लादेश का हिस्सा) में मेघना पुल से गुजर रही सभी ट्रेनों को रोक दिया गया, सभी हिन्दुओं को चाकू से मारकर नदी में फेंक दिया.’
Paki singer GhulamAli in Kolkata. No ppl on earth hv sufferd at Paki hands as mch as Bengali Hindus. Bengalis forget,said Haraprasad Shastri
— Tathagata Roy (@tathagata2)
On 12 February 1950 all trains crossing the Meghna Bridge at Ashugonj (now Bangladesh) wr stopped,all Hindus stabbed and thrown into river.
— Tathagata Roy (@tathagata2)
कार्यक्रम में शामिल हुई हैं ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक व्यापार मेले के उद्घाटन समारोह में गुलाम अली ने प्रस्तुति दी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इस विभाग की प्रभारी मंत्री हैं. ममता भी इस समारोह में शामिल हुईं.
पिछले साल अक्तूबर में मुंबई में शिवसेना द्वारा कराने के बाद यह भारत में उनका है. रॉय पूर्व में अपने कई विवादित ट्वीट के लिए आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं.
सत्ताधारी पार्टी ने की निंदा
त्रिपुरा में सत्तारूढ़ कम्युनिष्ट पार्टी की प्रदेश शाखा के सचिव विजन धर ने रॉय की टिप्पणियों की निंदा की है. उन्होंने कहा, ‘राज्यपाल होने के नाते उन्हें इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. मैं उनकी टिप्पणियों की निंदा करता हूं.’