सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को दोषी माना है. वहीं अब तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण से जुड़े अवमानना मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पर तीखा हमला किया है. महुआ मोइत्रा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं.
फैसले के बाद मोइत्रा ने एक ट्वीट में कहा, 'हमारी भूमि के प्रथम न्यायालय के लिए- अगर आपके पीछे कानून और सच्चाई है तो आपकी त्वचा इतनी पतली क्यों है?' पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को शक्ति का क्रूर प्रदर्शन करार दिया.
To the First Court of our land -
If you have the law and truth behind you why is your skin so thin?
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra)
अपने ट्वीट में मोइत्रा ने लिखा, 'जब आपकी सीएए, 370 और Habeas Corpus याचिकाओं जैसे मुद्दे महीनों के लिए बर्बाद हो जाते हैं, तो आप अपनी शक्ति के अनुरूप कैसे होते हो?' बंगाल की टीएमसी सांसद ने कहा, 'याद रखें कि आप लाखों गरीबों के लिए मानक हैं, जो आज भी कहते हैं कि मैं अदालत जाऊंगा. शक्ति का क्रूर प्रदर्शन आप नहीं बन सकते. यह हम सभी को शर्मसार करता है.'
To the First Court of our land- remember YOU are the standard for millions of poor who even today say “ I will go to Court” - brute display of power does not become you. It shames us all
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra)
मोइत्रा ने कहा, 'आप यहां हमारी रक्षा के लिए, न्याय की रक्षा के लिए, संविधान की रक्षा के लिए हैं. क्या आप इतने कमजोर हैं कि आप दुर्भावनापूर्ण हमलों से सुरक्षा चाहते हैं.'
MiLords- You are here to protect US, to protect justice, to protect the constitution
Are YOU so weak that you seek protection from mere “malicious attacks”
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra)
वहीं द हिंदू पब्लिशिंग ग्रुप के डायरेक्टर एन राम ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है.
A role can be a function that allows something bad to happen by doing nothing or little, or by default. See the entry from The New Shorter Oxford English Dictionary in this tweet. Prashant Bhushan’s tweet does not specify or elaborate on this role, does it?
— N. Ram (@nramind)
दरअसल, अवमानना केस में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी करार दिया है. ट्वीट मामले में संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वकील प्रशांत भूषण को कोर्ट की अवमानना का दोषी माना है. इस मामले में सजा पर सुनवाई 20 अगस्त को होगी.