सीबीआई ने चिटफंड घोटाले मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद तपस पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है. सीबीआई ने रोज वैली घोटाला मामले में तपस पाल को गिरफ्तार किया है. टीएमसी सांसद की गिरफ्तारी से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है.
दरअसल शुक्रवार की सुबह सीबीआई ने को पूछताछ के बुलाया और फिर 4 घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. सांसद को 3 दिन पहले की पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया था.
मिल रही जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसी तपस पाल के जवाबों से संतुष्ट नहीं थी. तपस पाल के अलावा टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय भी इस मामले में सीबीआई के राडार पर हैं. उनको भी पूछताछ के लिए ने समन भेजा गया है और जनवरी के पहले हफ्ते में पेश होने को कहा गया है. इससे पहले तीन बार उनको समन भेजा चुका है. इस बार अगर वह सीबीआई के सामने पेश नही होते हैं तो उनके खिलाफ वारंट जारी किया जा सकता है.
वहीं टीएमएस इस सीबीआई की इस कार्रवाई को बदले की भावना करार दिया है. टीएमसी का कहना है कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. टीएमसी के सांसद डेरेक ओ-ब्रायन का कहना है कि नोटबंदी के खिलाफ आवाज उठाने से केंद्र सरकार बेवजह उनके सांसदों को परेशान कर रही है. वहीं सीपीआई (M) के सांसद मोहम्मद सलीम कार्रवाई को सही ठहराया और कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ये पहला कदम है. सलीम ने कहा कि टीएमसी के लोगों पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.
क्या है रोज वैली घोटाला
रोज वैली एक कंपनी है जो कई राज्यों में चिटफंड का काम करती है. कंपनी पर निवेशकों के कई हजार करोड़ रुपये ठगने का आरोप है. सीबीआई ने इस मामले में एक आरोपपत्र भी दाखिल किया है. जिसमें कंपनी के चेयरमैन गौतम कुंडू, प्रबंध निदेशक शिवमय दत्ता, निदेशक रामलाल गोस्वामी, प्रबंध निदेशक शिवमय दत्ता, निदेशक रामलाल गोस्वामी और अशोक कुमार साहा को प्रमुख आरोपी बनाया है.