अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 4800 करोड़ की योजनाओं के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता नीरज शंकर सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 4800 करोड़ की योजनाओं को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि ये योजनाएं आर्टिकल 14,15 और 27 का उल्लंघन करती है.
याचिकाकर्ता ने कहा कि केंद्र सरकार को ये अधिकार नहीं है कि वो टैक्स पेयर का पैसा किसी धर्म विशेष के लिए खर्च करे. केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 4800 करोड़ की योजनाओं का लागू किया है , जिसमें स्किल डेवलपमेंट, नई मंजिल योजना, हमारी धरोहर शामिल है. याचिका में नेशनल कमीशन माइनॉरिटी एक्ट के वैधानिकता को भी चुनौती दी गई है.
याचिका में यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार को ये अधिकार नही हैं कि वो टैक्स पेयर का पैसा किसी धर्म विशेष के लिए खर्च करे. केंद्र सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के लिए 4700 करोड़ की योजनाओं का लागू किया है जिसमें स्किल डेवलपमेंट, नई मंजिल योजना, हमारी धरोहर जैसी योजनाओं का जिक्र है.
4 सप्ताह में देना होगा जवाब
साथ ही याचिका में नेशनल कमीशन माइनॉरिटी एक्ट के वैधानिकता को भी चुनौती दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चार हफ्ते में जवाब मांगा है और एक हफ्ते में प्रतिउत्तर. ऐसे में पांच हफ्ते बाद मार्च में ही इस याचिका पर सुनवाई संभव हो सकेगी.
इस मामले में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले को संविधान पीठ को भेजना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई तीन जजों की पीठ कर रही है मार्च में इस मामले की सुनवाई होगी. एजी के इस सुझाव पर जस्टिस नरीमन ने कहा कि सरकार के जवाब के बाद अगर कोर्ट को लगेगा तो वो संविधान पीठ में सुनवाई के लिए भी इस मामले को भेज सकते हैं.