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नागेश्वर राव करेंगे सिर्फ रूटीन काम, CBI पर SC के फैसले की 10 बड़ी बातें

सरकार ने मंगलवार रात आलोक वर्मा और उनके जूनियर अधिकारी राकेश अस्थाना के सारे अधिकार वापस ले लिए और उन्हें छुट्टी पर भेज दिया. इसके खिलाफ वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली है. एक याचिका प्रशांत भूषण ने भी दायर की है, जिसपर शुक्रवार को सुनवाई हुई.

सीबीआई का मुख्यालय (आजतक आर्काइव) सीबीआई का मुख्यालय (आजतक आर्काइव)

सीबीआई के डायरेक्टर पद से हटाए गए आलोक वर्मा की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई अहम निर्देश दिए. आइए, जानें फैसले की अहम बातें.

1-सीजेआई गोगोई ने कहा कि सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव कोई नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. उन्हें सिर्फ रूटीन काम करना होगा.

2-डायरेक्टर आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी की जांच दो हफ्ते में खत्म करनी होगी. 

3-नागेश्वर राव की ओर से लिए गए सभी फैसले बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपे जाएं.

4-सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी जांच की निगरानी करेंगे.

5-सीजेआई ने कहा, देश के हितों को देखते हुए सीबीआई मामले को हम ज्यादा दिन तक नहीं खींच सकते.

6-अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी. जांच की रिपोर्ट देखने के बाद आगे कोई फैसला लिया जाएगा.

7-राकेश अस्थाना के मामले में सीजेआई ने कहा कि आप अलग से याचिका दायर करें.

8-अस्थाना ने भी याचिका डाली. सुप्रीम कोर्ट इस पर बाद में करेगा सुनवाई.

9-आलोक वर्मा और वकील प्रशांत भूषण की याचिका पर सीवीसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी.

10-सीजेआई ने कहा, हम जांच की निगरानी करेंगे. हम यह देखेंगे कि एजेंसी की ओर से कौन-कौन से अंतरिम आदेश पारित किए गए.

 

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