मिशनरीज ऑफ चैरेटीज की प्रमुख रह चुकीं सिस्टर निर्मला जोशी का सियालदाह में मंगलवार सुबह निधन हो गया है. 81 साल की सिस्टर निर्मला ने मदर टेरेसा के निधन के बाद संस्था का कार्यभार संभाला था. उनके निधन पर पीएम मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर शोक प्रकट किया है.
सिस्टर निर्मला ने सियालदाह के सेंट जॉन्स स्कूल में अपनी ली हैं. वह बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं. बुधवार को शाम चार बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने सिस्टर निर्मला के निधन पर दुख जताते हुए ट्विटर पर लिखा है, 'सिस्टर निर्मला अपने कार्य और गरीबों की सेवा को समर्पित थीं.'
Sister Nirmala's life was devoted to service, caring for the poor & underprivileged. Saddened by her demise. May her soul rest in peace.
— Narendra Modi (@narendramodi)
My deepest condolences to the Missionaries of Charity family on the passing away of Sister Nirmala.
— Narendra Modi (@narendramodi)
ममता बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा है कि निर्मला कोलकाता और दुनिया को बहुत याद आएंगी.
Saddened at the passing of Sister Nirmala who headed Missionaries of Charity after Mother Teresa. Kolkata and the world will miss her
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial)
सिस्टर निर्मला का जीवन
मदर टेरेसा के काम को देखकर सिस्टर निर्मला ने खुद को भी मिशनरीज से जोड़ने का निर्णय किया और फिर रोमन कैथलिक में कनवर्ट हो गईं. सिस्टर निर्मला ने राजनीतिक विज्ञान में मास्टर्स की डिग्री ली थी. इसके अलावा वह एक वकील के तौर पर भी प्रैक्टिस करती थीं. साल 2009 में सिस्टर निर्मला को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. मिशनरीज ऑफ चैरिटीज में बतौर प्रमुख उनका कार्यकाल 25 मार्च 2009 को समाप्त हो गया था. सिस्टर निर्मला के बाद जर्मन मूल की सिस्टर मैरी प्रेमा पैरिक ने पदभार संभाला.