कांग्रेस नेता और तिरुअनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. मॉब लिंचिंग पर पीएम मोदी को खत लिखने वाली हस्तियों पर हुई FIR के बाद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री को संविधान के आर्टिकल 19(1)(a) की याद दिलाई है, जिसमें अभिव्यक्ति की आज़ादी का मुद्दा उठाया गया है. थरूर ने लिखा है कि कहीं ऐसा ना हो जाए कि लोगों की मन की बात, मौन की बात का रूप ले ले.
शशि थरूर के अलावा कांग्रेस सांसद राजीव गौड़ा ने भी इसी मसले पर प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी. शशि थरूर ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि संविधान हमें अपने विचार रखने की आज़ादी देता है, लेकिन बीते दिनों बिहार के मुजफ्फरपुर में 49 हस्तियों पर एक केस दर्ज किया गया क्योंकि उन्होंने मॉब लिंचिंग को लेकर आपको (प्रधानमंत्री) खत लिखा था. आज के समय में मॉब लिंचिंग, बच्चा चोरी जैसी घटनाएं देश के लिए बीमारी बन गई हैं.
Urging all those who believe in to send this or similar letters to urging him to affirm the constitutional principle of our Article 19 rights & the value of democratic dissent — even if more FIRs follow as a result!
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor)
शशि थरूर ने लिखा कि एक नागरिक होने के नाते मैं इस मुद्दे को आपके सामने रखना चाहता हूं ताकि आप इनका समाधान कर सकें और कुछ कार्रवाई कर सकें. कांग्रेस सांसद ने लिखा कि मुझे उम्मीद है कि आप नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करेंगे, ताकि नागरिक के ‘मन की बात’ कहीं ‘मौन की बात’ ना बन जाए.
शशि थरूर ने इस दौरान अपनी चिट्ठी में पीएम मोदी को अमेरिकी संसद में दिए गए भाषण की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने संविधान को ही अपनी पवित्र पुस्तक बताया था. कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या आप इस तरह का नया भारत बनाना चाहते हैं?
क्या है मामला?
कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा ने भी अपनी चिट्ठी में हस्तियों पर की गई एफआईआर का विरोध किया. बता दें कि को चिट्ठी लिखी थी और देश में हो रही घटनाओं पर चिंता जाहिर की थी. इसी के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में इन हस्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.